रांची, 06 सितंबर। गिरिडीह विधायक व झारखंड राज्य सरकार के नगर विकास मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू का शनिवार देर रात निधन हो गया। उन्हें दिल का दौरा पड़ा था। परिजन उन्हें लेकर अस्पताल पहुंचे, लेकिन तब तक उनकी मौत हो चुकी थी। सुदिव्य के निधन से राज्य भर में शोक का माहौल है । शनिवार को सुदिव्य सोनू गिरिडीह में ही अपने घर पर थे। जब वो सोने गए तो उन्हें हार्ट अटैक आया।मंत्री अपने पीछे दो बेटी एक बेटा समेत भरा पूरा परिवार छोड़ गए हैं।
सुदिव्य सोनू की मौत की खबर मिलने के बाद गिरिडीह शहर में मातम पसरा है । झामुमो कार्यकर्ताओं में शोक की लहर है। सैंकड़ों कार्यकर्ता उनके घर पर पहुंचे हुए हैं । सूचना है कि राज्य के मुख्यमंत्री, सभी मंत्री और विधायक गिरिडीह पहुंच गए हैं।
झारखंड मुक्ति मोर्चा के केंद्रीय महासचिव विनोद पांडेय ने कार्यालय ने बताया कि पार्टी के केंद्रीय कार्यकारिणी सदस्य सह मंत्री सुदिव्य कुमार ‘सोनू’ का आकस्मिक निधन हो गया | शोक के इस कठिन समय में पार्टी के सभी स्तर के नेता एवं कार्यकर्त्ता मर्माहत एवं शोक संतप्त हैं |
उन्होंने पार्टी के सभी जिला अध्यक्ष, जिला सचिव, जिला संयोजक प्रमुख, महानगर अध्यक्ष एवं महानगर संयोजक को निर्देश दिया है की आगामी राज्य के सभी प्रखंड मुख्यालय पर होने वाले एक दिवसीय धरना प्रदर्शन को अगले आदेश तक के लिए स्थगित किया जाता है |
मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू
झारखंड मुक्ति मोर्चा के प्रमुख नेता सुदिव्य कुमार सोनू झारखंड मुक्ति मोर्चा के उन नेताओं में शामिल थे, जिन्होंने लंबे समय तक संगठन में काम करने के बाद विधानसभा और फिर कैबिनेट तक का सफर तय किया। वे गिरिडीह सदर निर्वाचन क्षेत्र से विधायक एवं झारखंड सरकार में कैबिनेट मंत्री थे। उनके पास पर्यटन, कला, संस्कृति, खेलकूद एवं युवा कार्य विभाग, नगर विकास विभाग और उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग की जिम्मेवारी थी।
सुदिव्य कुमार झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के काफी करीबी माने जाते थे। 2019 में वह पहली बार गिरिडीह सदर से विधायक बने। दूसरी बार 2024 में फिर से चुनाव जीतने के बाद वो मंत्री बने। झारखंड में हुए छात्र आंदोलन को खत्म करने में उनकी भूमिका काफी अहम रही। उनका जाना झारखंड के लिए एक बड़ी क्षति के रूप में देखा जा रहा है।
