पूर्वी सिंह भूम बांग्लादेश में हिंदुओं पर अत्याचार के विरोध में हिंदू सेना का ज्ञापन

पूर्वी सिंहभूम/पलामू, 24 दिसंबर । बांग्लादेश में हिंदू समुदाय पर हो रहे  अत्याचार और अल्पसंख्यक युवक दीपू चंद्र दास की हत्या के विरोध में झारखंड के विभिन्न जिलों में आक्रोश देखने को मिला। जमशेदपुर में हिंदू सेना ने उपायुक्त को ज्ञापन सौंपा, जबकि पलामू में डालटनगंज रेलवे टेंपो चालक संघ ने सड़कों पर उतरकर प्रदर्शन किया और हत्यारों को फांसी देने की मांग की।

पूर्वी सिंहभूम जिले में बुधवार को हिंदू सेना के एक प्रतिनिधिमंडल ने उपायुक्त कार्यालय पहुंचकर उपायुक्त को ज्ञापन सौंपा। संगठन ने बांग्लादेश में हिंदू समुदाय पर लगातार हो रही हिंसा और उत्पीड़न को गंभीर मानवाधिकार उल्लंघन बताते हुए इस पर कड़ा विरोध दर्ज कराया। ज्ञापन के माध्यम से प्रशासन से आग्रह किया गया कि राज्य सरकार के जरिए केंद्र सरकार तक यह मामला पहुंचाया जाए, ताकि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी इस मुद्दे को उठाया जा सके।

हिंदू सेना ने अपने ज्ञापन में कहा कि बांग्लादेश में हिंदुओं के खिलाफ घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं, जो बेहद चिंताजनक हैं। संगठन ने मांग की कि भारत सरकार इस मामले में कूटनीतिक और प्रभावी हस्तक्षेप करे। इसके साथ ही जमशेदपुर में रह रहे विदेशी नागरिकों के नियमानुसार सत्यापन की मांग भी की गई। संगठन का कहना था कि अवैध रूप से निवास कर रहे लोगों के खिलाफ कानून के तहत सख्त कार्रवाई होनी चाहिए, ताकि कानून-व्यवस्था बनी रहे।

इस अवसर पर हिंदू सेना के अजीत सिंह (भीम सिंह), द्वीपल विश्वास, संजीव आचार्य, ललन चौहान, संजीव सिंह, राहुल दुबे, माधव सिंह, विकास शर्मा, उमेश ठाकुर सहित कई कार्यकर्ता मौजूद थे।

उधर, पलामू जिले में बांग्लादेश में हिंदू अल्पसंख्यक युवक दीपू चंद्र दास की निर्मम हत्या के विरोध में डालटनगंज रेलवे टेंपो चालक संघ की ओर से जोरदार प्रदर्शन किया गया। प्रदर्शन की शुरुआत डालटनगंज रेलवे स्टेशन से हुई, जो बेलवाटिका चौक, सद्दीक मंजिल चौक, छहमुहान और बस डिपो होते हुए पुनः रेलवे स्टेशन पहुंचकर समाप्त हुई।

प्रदर्शनकारियों ने दीपू चंद्र दास के हत्यारों को फांसी देने, पलामू सहित पूरे झारखंड से बांग्लादेशी रोहिंग्याओं को बाहर निकालने की मांग की। इस दौरान “भारत माता की जय” के नारे भी लगाए गए। कार्यक्रम का नेतृत्व दुर्गा जौहरी ने किया।

सभा को संबोधित करते हुए दुर्गा जौहरी ने कहा कि बांग्लादेश में हिंदुओं पर हिंसा हो रही है, लेकिन वहां की सरकार आंख मूंदे बैठी है। उन्होंने आरोप लगाया कि हिंसा करने वालों को खुली छूट दी जा रही है। उन्होंने धार्मिक उत्पीड़न और मानवाधिकार उल्लंघन पर गहरी चिंता जताते हुए भारत सरकार से सख्त और प्रभावी कार्रवाई की मांग की।

प्रदर्शन में डालटनगंज रेलवे टेंपो चालक संघ के रंजन कुमार ठाकुर, विक्रम कुमार गुप्ता, संजय पाल, संतोष गुप्ता, बड़े भोला, बड़ा बाबू, राजन, गोलू, बूची मियां, प्रेम विश्वकर्मा, छोटू खां, नसीम अंसारी, चंदन कुमार सहित बड़ी संख्या में संघ के पदाधिकारी और सदस्य शामिल थे।

झारखंड के अलग-अलग हिस्सों में हुए इन विरोध प्रदर्शनों से साफ है कि बांग्लादेश में हिंदुओं पर हो रहे कथित अत्याचार को लेकर लोगों में गहरा आक्रोश है और वे इस मुद्दे पर केंद्र सरकार से ठोस और निर्णायक कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।