रांची, 10 अगस्त । छात्रों के आंदोलन के बीच राजनीतिक मोर्चे पर भी गतिविधियां तेज रहीं। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू, पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी, दीपक प्रकाश और कई भाजपा विधायक एवं अन्य नेता मुख्यमंत्री आवास के बाहर धरने पर बैठे।
भाजपा नेताओं ने छात्रों की मांगों का समर्थन करते हुए भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर राज्य सरकार पर सवाल उठाए और सरकार से मामले में कार्रवाई की मांग की।
मुख्यमंत्री आवास के बाहर धरने पर बैठे पूर्व मुख्यमंत्री और विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी सहित कई विधायकों, भाजपा नेताओं तथा अनेक प्रदर्शनकारियों को पुलिस ने डिटेन कर लिया। हिरासत में लिए गए नेताओं को बस से खेलगांव स्थित कैंप जेल ले जाकर रखा गया है।
भाजपा ने मुख्यमंत्री आवास के घेराव से पहले प्रदेश अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी की अध्यक्षता में पार्टी विधायकों की बैठक की। बैठक में छात्रों के आंदोलन और सरकार के रुख को लेकर रणनीति पर चर्चा हुई। इसके बाद भाजपा विधायक और कार्यकर्ता करीब पौने दस बजे अचानक मुख्यमंत्री आवास की ओर बढ़े। मुख्यमंत्री आवास के बाहर पहुंचकर भाजपा कार्यकर्ताओं ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के इस्तीफे की मांग की।
पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए बैरिकेडिंग की थी। स्थिति को देखते हुए बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया था। पुलिस ने भाजपा के कई विधायकों और कार्यकर्ताओं को हिरासत में ले लिया।
उधर, जेपीएससी-जेएसएससी अभ्यर्थियों का आंदोलन भी तेज हो गया है। रविवार को सरकार और छात्र प्रतिनिधियों के बीच हुई तीसरे दौर की वार्ता भी बेनतीजा रही थी। इसके बाद छात्रों ने सोमवार को विधानसभा घेराव का ऐलान किया था। छात्रों के आंदोलन के समानांतर भाजपा के मुख्यमंत्री आवास घेराव से राजधानी में राजनीतिक और प्रशासनिक दबाव बढ़ गया है। विधानसभा और मुख्यमंत्री आवास के आसपास सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई।
