सरयू राय ने सार्वजनिक सेवाओं में एआई उपयोग का मुद्दा उठाया
धान खरीद में गड़बड़ी
मैक्लुस्कीगंज के अवैध ईंट भट्ठों पर भी सवाल
रांची, 16 मार्च। झारखंड विधानसभा के बजट सत्र के 15वें दिन सोमवार को सदन में तकनीक के उपयोग से लेकर धान खरीद में कथित गड़बड़ी, खनन क्षेत्रों के विकास के लिए डीएमएफटी फंड के इस्तेमाल, सड़क जाम और मतदाता सूची से नाम हटाए जाने जैसे कई मुद्दों पर जोरदार बहस हुई। विधायकों ने सरकार से इन मामलों में स्पष्ट नीति और ठोस कार्रवाई की मांग की।
सार्वजनिक सेवाओं में एआई के उपयोग का मुद्दा
जमशेदपुर पश्चिम के विधायक सरयू राय ने सदन में सरकारी सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के उपयोग का मुद्दा उठाया। उन्होंने सरकार से पूछा कि प्रशासनिक कार्यों और नागरिक सेवाओं में एआई के इस्तेमाल को लेकर क्या योजना है।
इस पर जवाब देते हुए मंत्री दीपक बिरुआ ने कहा कि सरकार इस दिशा में गंभीर है और एआई के उपयोग को लेकर विभागीय स्तर पर बैठक आयोजित की गई है। बैठक के बाद विस्तृत कार्ययोजना तैयार की जाएगी।
हालांकि मंत्री के जवाब से असंतुष्ट सरयू राय ने कहा कि केवल बैठक की बात करना पर्याप्त नहीं है और सरकार को इस विषय पर स्पष्ट नीति तथा रोडमैप प्रस्तुत करना चाहिए।
धान खरीद में गड़बड़ी का आरोप
विधायक जनार्दन पासवान ने राज्य में धान खरीद प्रक्रिया में अनियमितताओं का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि कई ऐसे लोग भी बड़ी मात्रा में धान बेच रहे हैं जिनके पास कृषि योग्य जमीन तक नहीं है और बाहर के राज्यों से धान लाकर झारखंड में बेचे जाने की आशंका है।
इस पर खाद्य एवं आपूर्ति मंत्री इरफान अंसारी ने कहा कि अभी तक ऐसा कोई मामला सरकार के संज्ञान में नहीं आया है। यदि शिकायत मिलती है तो जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
मैक्लुस्कीगंज में अवैध ईंट भट्ठों पर सवाल
विधायक प्रकाश राम ने मैक्लुस्कीगंज क्षेत्र में अवैध ईंट भट्ठों के संचालन का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि सरकार एक ओर क्षेत्र को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने की बात कर रही है, वहीं दूसरी ओर अवैध भट्ठों और क्रशरों से प्रदूषण बढ़ रहा है।
मंत्री योगेंद्र महतो ने बताया कि जिले में करीब 30 ईंट भट्ठों की जानकारी मिली है और सभी से कागजात मांगे गए हैं। जांच में अनियमितता मिलने पर कार्रवाई की जाएगी।
डीएमएफटी फंड के उपयोग पर चर्चा
खनन क्षेत्रों के विकास के लिए जिला खनिज फाउंडेशन ट्रस्ट (डीएमएफटी) फंड के उपयोग पर भी सदन में विस्तृत चर्चा हुई। विधायक प्रदीप यादव ने सवाल उठाया कि यदि फंड का उपयोग सीमित दायरे में ही होगा तो पूरे जिले में संतुलित विकास कैसे सुनिश्चित होगा।
मंत्री योगेंद्र महतो ने बताया कि नियमों के अनुसार खनन पट्टा क्षेत्र से सीधे प्रभावित 15 किलोमीटर और अप्रत्यक्ष रूप से प्रभावित 25 किलोमीटर तक के क्षेत्रों में डीएमएफटी फंड खर्च किया जाता है।
इस दौरान नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने सुझाव दिया कि फंड के दायरे को बढ़ाने से पहले उसके उपयोग की निगरानी के लिए विधानसभा की एक टीम गठित की जानी चाहिए, क्योंकि कई जगह इसके दुरुपयोग की शिकायतें मिली हैं।
सड़क जाम और मतदाता सूची का मुद्दा
हटिया विधायक नवीन जायसवाल ने विधानसभा पहुंचने के दौरान सड़क जाम की समस्या उठाई। उन्होंने कहा कि प्रदर्शन के कारण मुख्य सड़क पूरी तरह जाम थी और उन्हें लगभग तीन किलोमीटर घूमकर विधानसभा पहुंचना पड़ा।
वहीं विधायक प्रदीप यादव ने मतदाता सूची से नाम हटाए जाने और ओबीसी आरक्षण का मुद्दा उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि पैरेंटल मैपिंग के नाम पर बड़ी संख्या में लोगों के नाम मतदाता सूची से हटाए जा रहे हैं, जिससे आदिवासी, दलित, पिछड़े और अल्पसंख्यक समुदाय प्रभावित हो रहे हैं।
उन्होंने जातीय जनगणना कराने, ओबीसी को 27 प्रतिशत आरक्षण देने और स्थानीय युवाओं के लिए 75 प्रतिशत नियोजन कानून को लागू करने के लिए सरकार से ठोस पहल करने की मांग की।
