जमशेदपुर में बाढ़ का खतरा

पूर्वी सिंहभूम, 19 अगस्त । लगातार बारिश और आसपास के जलाशयों से पानी छोड़े जाने के कारण जमशेदपुर में स्वर्णरेखा और खरकई नदियों के जलस्तर पर प्रशासन की निगरानी लगातार जारी है। बुधवार की शाम चार बजे चांडिल कॉम्प्लेक्स के मुख्य अभियंता कार्यालय स्थित बाढ़ नियंत्रण कक्ष से जारी दैनिक रिपोर्ट में दोनों नदियों की स्थिति को लेकर महत्वपूर्ण जानकारी सामने आई है। रिपोर्ट के अनुसार स्वर्णरेखा नदी मानगो ब्रिज और खरकई नदी आदित्यपुर ब्रिज के आसपास ऊंचे जलस्तर पर बह रही है।

मानगो ब्रिज के पास स्वर्णरेखा नदी का जलस्तर शाम चार बजे 121.56 मीटर दर्ज किया गया, जबकि यहां खतरे का निशान 121.50 मीटर है। इस तरह नदी खतरे के निशान से करीब छह सेंटीमीटर ऊपर बह रही है। स्वर्णरेखा नदी का बेड लेवल 111 मीटर है। वर्ष 1973 में यहां उच्चतम बाढ़ स्तर 129.82 मीटर तथा 18 जून 2008 को 126.15 मीटर दर्ज किया गया था। वर्तमान जलस्तर इन दोनों ऐतिहासिक बाढ़ स्तरों से नीचे है, लेकिन खतरे के निशान से ऊपर होने के कारण निचले इलाकों में सावधानी बरती जा रही है।

वहीं खरकई नदी की स्थिति भी चिंताजनक बनी हुई है। आदित्यपुर ब्रिज के पास नदी का खतरे का स्तर 129 मीटर निर्धारित है और बाढ़ नियंत्रण कक्ष ने इसे खतरे के निशान से ऊपर बहता हुआ बताया है। हालांकि नदी के जलस्तर में गिरावट का रुझान दर्ज किया गया है। इससे प्रशासन को कुछ राहत मिली है, लेकिन जलस्तर में दोबारा वृद्धि की आशंका को देखते हुए निगरानी जारी रखी गई है।

बाढ़ नियंत्रण कक्ष की ओर से दोनों नदियों के जलस्तर में होने वाले बदलाव की लगातार जानकारी जुटाई जा रही है। रिपोर्ट में स्पष्ट किया गया है कि आंकड़े संबंधित कार्यपालक अभियंताओं से प्राप्त सूचनाओं के आधार पर तैयार किए गए हैं। स्थिति की जानकारी पूर्वी सिंहभूम और सरायकेला-खरसावां के जिला प्रशासन सहित चांडिल कॉम्प्लेक्स के मुख्य अभियंता कार्यालय को भेजी गई है।

नदियों का जलस्तर खतरे के निशान के आसपास या उससे ऊपर रहने के कारण निचले इलाकों में रहने वाले लोगों के लिए सतर्कता जरूरी है। प्रशासन और बाढ़ नियंत्रण कक्ष की टीमें जलस्तर के रुझान पर लगातार नजर रख रही हैं, ताकि जरूरत पड़ने पर प्रभावित क्षेत्रों में तत्काल कार्रवाई की जा सके।