कोलकाता, 12 नवम्बर । भारतीय राजस्व सेवा (आईआरएस) के एक पदस्थ अधिकारी ने प्रशासन से सिनेमा की दुनिया में छलांग लगाते हुए निर्देशक के रूप में अपनी नई पहचान बनाई है। उनकी पहली फिल्म ‘कथाकार की डायरी : द स्टोरी ऑफ ऑर्डिनरी लाइव्स’ का प्रदर्शन चल रहे 31वें कोलकाता अंतरराष्ट्रीय फिल्म महोत्सव (केआईएफएफ) में किया गया।
पश्चिम बंगाल की पृष्ठभूमि पर आधारित यह फिल्म वैश्विक अपील रखती है। इसमें पांच पात्रों – एक बच्चा, कैंसर पीड़ित फोटोग्राफर, एक संगीतकार, एक ट्रांसवुमन और एक एथलीट – की जीवन यात्राओं के माध्यम से विविधता, संघर्ष और मानवीय संबंधों की भावनाओं को दर्शाया गया है।
फिल्म के निर्देशक अनुरेश वर्तमान में पुणे स्थित वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) विभाग में संयुक्त आयुक्त के पद पर कार्यरत हैं। उन्होंने कहा कि सिनेमा मेरे लिए हमेशा लोगों और उनके संघर्षों को समझने का माध्यम रहा है। मैं उन कहानियों को कहना चाहता था जो साधारण जीवन के भीतर छिपी असाधारण भावनाओं को सामने लाएं।
फिल्म ‘कथाकार की डायरी’ को केआईएफएफ के एशियन सेलेक्ट नेटपैक श्रेणी में प्रदर्शित किया गया। इस फिल्म को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी सराहना मिली है और इसे इंटरनेशनल न्यूयॉर्क फिल्म फेस्टिवल में ‘नो बजट कैटेगरी’ में सर्वश्रेष्ठ फिल्म का पुरस्कार प्राप्त हुआ है।———————–
