रांची, 22 जनवरी। झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी ने अपने सोशल मीडिया पर लिखा, ‘झारखंड शराब घोटाले की जांच भी अपने आप में एक बड़ा घोटाला है।’
घोटाले की रकम बढ़ती जा रही है, लेकिन एसीबी की जांच का दायरा नहीं बढ़ रहा। अब तक 17 अभियुक्तों की गिरफ्तारी हो चुकी है, लेकिन किसी के विरुद्ध चार्जशीट दाखिल नहीं की र्गई है।सिर्फ अभियुक्तों की गिरफ्तारी की जा रही है और बगैर चार्जशीट दाखिल किए ही उन्हें डिफॉल्ट बेल दिलाई जा रही है।
जब तक शराब घोटाले को मंजूरी, सहमति और संरक्षण देने वाले मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की भूमिका की जांच नहीं होगी, तब तक इस मामले का पटाक्षेप नहीं हो पाएगा।
अबतक साढ़े सात सौ करोड़ के घोटाले की बात सामने आने को ही मान लिया जाय तो ये कैसे संभव है कि बिना मुख्यमंत्री की सहमति और सहभागिता के महज़ चंद अफसर, दलाल और माफिया मिलकर इतना बड़ा घोटाला कर देंगे?
न्यायालय को एसीबी अधिकारियों की कार्यशैली पर संज्ञान लेना चाहिए और केंद्रीय एजेंसियों द्वारा शराब घोटाले की जांच का आदेश दिया जाना चाहिए।
