कोलकाता, 03 जनवरी । पश्चिम बंगाल सरकार की स्वास्थ्य बीमा योजना स्वास्थ्य साथी को लेकर तृणमूल कांग्रेस से निलंबित भरतपुर के विधायक हुमायूं कबीर का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इस वीडियो में हुमायूं कबीर ने योजना के तहत बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाए हैं। हालांकि हिन्दुस्थान समाचार इस वायरल वीडियो की सत्यता की पुष्टि नहीं करता है।
वीडियो में हुमायूं कबीर यह दावा करते हुए सुने जा रहे हैं कि निजी अस्पताल और नर्सिंग होम पांच हजार रुपये के इलाज बिल को बढ़ाकर 50 हजार रुपये तक दिखा रहे हैं और फिर इन फर्जी और बढ़े हुए बिलों को राज्य के स्वास्थ्य विभाग के माध्यम से पास कराया जा रहा है। उनका आरोप है कि इन बिलों को मंजूरी दिलाने के लिए स्वास्थ्य विभाग के क्लियरिंग अधिकारियों को दस हजार रुपये तक की रिश्वत दी जाती है।
हुमायूं कबीर का कहना है कि इस पूरे खेल में निजी अस्पतालों और नर्सिंग होम को असली पांच हजार रुपये के खर्च पर करीब 35 हजार रुपये का सीधा फायदा हो रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि कई बार ऐसे बढ़े हुए बिलों का भुगतान एक साल बाद होता है, लेकिन मुनाफा ज्यादा होने के कारण अस्पतालों को इस देरी से कोई फर्क नहीं पड़ता।
उल्लेखनीय है कि हुमायूं कबीर ने पिछले महीने अपनी नई राजनीतिक पार्टी जनता उन्नयन पार्टी बनाने का ऐलान किया था।
इस वीडियो को भारतीय जनता पार्टी के सूचना प्रौद्योगिकी सेल प्रमुख और पश्चिम बंगाल के केंद्रीय पर्यवेक्षक अमित मालवीय ने भी अपने सोशल मीडिया हैंडल पर साझा किया है। अपने पोस्ट में अमित मालवीय ने मालदा जिले में बाढ़ राहत से जुड़े सौ करोड़ रुपये के कथित घोटाले का हवाला देते हुए राज्य सरकार पर तीखा हमला बोला।
अमित मालवीय ने आरोप लगाया कि यह आम बंगालियों की खुली लूट है और राज्य की स्वास्थ्य व्यवस्था का मजाक उड़ाया जा रहा है। उन्होंने दावा किया कि बाढ़ राहत से लेकर स्वास्थ्य सेवाओं तक, हर क्षेत्र में भ्रष्टाचार व्याप्त है और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के शासन में बंगाल की जनता का खून-पसीना निचोड़ा जा रहा है।
