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कोलकाता, 17 जुलाई । पश्चिम बंगाल में मानसून पूरी तरह सक्रिय होने के कारण राज्य के विभिन्न हिस्सों में मौसम के दो अलग-अलग स्वरूप देखने को मिल रहे हैं। उत्तर बंगाल के पर्वतीय एवं तराई क्षेत्रों में मूसलाधार वर्षा से जनजीवन प्रभावित हुआ है, जबकि कोलकाता सहित दक्षिण बंगाल के अधिकांश जिलों में उमस और रुक-रुक कर हो रही वर्षा से लोगों की परेशानी बढ़ गई है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए मौसम विभाग ने उत्तर बंगाल के पांच जिलों के लिए रेड अलर्ट जारी किया है।

मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार दार्जिलिंग, कालिम्पोंग, जलपाईगुड़ी, कूचबिहार तथा अलीपुरद्वार जिलों में अत्यधिक भारी वर्षा की चेतावनी दी गई है। इन क्षेत्रों में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से तेज हवाएं चलने तथा वज्रपात के साथ लगातार वर्षा होने की संभावना व्यक्त की गई है।

भारी वर्षा के कारण निचले क्षेत्रों में जलजमाव की स्थिति उत्पन्न हो गई है, जिससे यातायात प्रभावित हुआ है। पर्वतीय क्षेत्रों में भूस्खलन की आशंका भी बढ़ गई है। प्रशासन ने पर्यटकों और स्थानीय निवासियों को सतर्क रहने तथा सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी है।

दक्षिण बंगाल में मानसून की गति अपेक्षाकृत धीमी बनी हुई है, किन्तु चक्रवाती परिसंचरण के प्रभाव से मौसम अस्थिर है। कोलकाता, उत्तर एवं दक्षिण 24 परगना, पूर्व एवं पश्चिम मेदिनीपुर, झाड़ग्राम, नदिया, मुर्शिदाबाद, बीरभूम तथा बर्धमान जिलों में बादल छाए रहने और हल्की से मध्यम वर्षा की संभावना है।

तटीय क्षेत्रों में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से तेज हवाएं चल सकती हैं। वर्षा के बाद धूप निकलने से वातावरण में आर्द्रता बढ़ गई है, जिससे उमस भरी गर्मी से लोग परेशान हैं।

महानगर कोलकाता में दिनभर बादलों की आवाजाही बनी रहने तथा गरज के साथ हल्की से मध्यम वर्षा के कई दौर आने का पूर्वानुमान है। मौसम विभाग के अनुसार, शुक्रवार को महानगर का अधिकतम तापमान 33 डिग्री सेल्सियस तथा न्यूनतम तापमान 27 से 28 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने की संभावना है।

मौसम विभाग ने मछुआरों को समुद्र में नहीं जाने की सलाह दी है। साथ ही उत्तर बंगाल की यात्रा करने वाले लोगों से मौसम संबंधी अद्यतन सूचनाओं पर लगातार नजर रखने को कहा गया है।