मालदह, 2 नवंबर। फरक्का के पूर्व विधायक और तृणमूल कांग्रेस नेता मोइनुल हक का रविवार तड़के निधन हो गया। वे पिछले कुछ महीनों से बीमार चल रहे थे। सितंबर महीने में उन्हें दिल का दौरा पड़ा था, जिसके बाद उन्हें कोलकाता के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। रविवार सुबह उन्होंने अंतिम सांस ली।
मोइनुल हक ने अपनी राजनीतिक यात्रा कांग्रेस पार्टी के साथ शुरू की थी। वे छात्र नेता के रूप में राजनीति में सक्रिय हुए और 1996 में पहली बार कांग्रेस के टिकट पर फरक्का विधानसभा क्षेत्र से विधायक चुने गए। इसके बाद वे लगातार पांच बार इस सीट से जीत दर्ज करते रहे। वे हमेशा विधानसभा में विपक्षी खेमे के प्रमुख चेहरों में से एक रहे।
कांग्रेस में रहते हुए वे एआईसीसी (अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी) के सदस्य बने और लंबे समय तक जम्मू-कश्मीर प्रदेश कांग्रेस के पर्यवेक्षक के रूप में भी कार्य किया।
हालांकि, 2021 के विधानसभा चुनावों में वे तृणमूल कांग्रेस के उम्मीदवार मोनिरुल इस्लाम से हार गए। उसी वर्ष उन्होंने कांग्रेस से इस्तीफा दे दिया और कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी को पत्र लिखकर पार्टी छोड़ दी। इसके बाद वे तृणमूल कांग्रेस में शामिल हो गए।
तृणमूल कांग्रेस में शामिल होने के बाद उन्हें राज्य तृणमूल का उपाध्यक्ष बनाया गया था। रविवार सुबह इस अनुभवी और लोकप्रिय नेता का निधन होने से मालदह जिले के राजनीतिक हलकों में शोक की लहर दौड़ गई है।
