wr

मेदिनीपुर, 05 सितंबर। लगातार कई दिनों से हो रही बारिश और जलाशयों से पानी छोड़े जाने के कारण पश्चिम मेदिनीपुर जिले के घाटाल में शीलावती और झूमी नदियों का जलस्तर एक बार फिर बढ़ने लगा है। नदी का पानी बढ़ने से घाटाल प्रखंड के विस्तृत क्षेत्रों के साथ ही घाटाल नगरपालिका के कई वार्डों में जलभराव की स्थिति उत्पन्न हो गई है। सड़क से लेकर दुर्गापूजा के मंडप तक कई इलाके पानी में डूब गए हैं।

सबसे चिंताजनक स्थिति शिक्षण संस्थानों में बनी हुई है। शिक्षा विभाग के सूत्रों के अनुसार, घाटाल नगरपालिका क्षेत्र में कुल 34 प्राथमिक विद्यालय हैं। इनमें 20 प्राथमिक विद्यालय और एक कनिष्ठ उच्च विद्यालय में पानी घुसने के कारण पढ़ाई बंद है। कई विद्यालयों के केवल परिसर में ही नहीं, बल्कि कक्षाओं के अंदर भी पानी भर गया है। विद्यार्थियों के बैठने के लिए रखी बेंच, मेज-कुर्सियां और अन्य सामान पानी में डूब गए हैं।

स्थिति को और गंभीर बना रही है विषैले सांपों की आवाजाही। जलमग्न कक्षाओं के भीतर सांपों को घूमते हुए देखा गया है। इससे विद्यार्थियों के साथ शिक्षक-शिक्षिकाओं की सुरक्षा को लेकर भी चिंता बढ़ गई है। पानी कब उतरेगा और विद्यालयों में दोबारा पढ़ाई कब शुरू होगी, इसे लेकर अभी स्पष्ट जानकारी नहीं है। माना जा रहा है कि जलस्तर सामान्य होने तक विद्यालयों को खोलना मुश्किल होगा।

इधर, दुर्गापूजा से पहले एक बार फिर घाटाल के जलमग्न होने से स्थानीय लोगों की चिंता बढ़ गई है। कई स्थानों पर पूजा मंडप बनाने का काम शुरू हो चुका था। नदी का जलस्तर बढ़ने के साथ ही कुछ पूजा मंडपों में भी बाढ़ का पानी घुस गया है। ऐसे में उत्सव की तैयारियों के बीच जलभराव ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी है।

प्रशासन की ओर से स्थिति पर नजर रखी जा रही है। हालांकि, यदि नदियों का जलस्तर इसी तरह बढ़ता रहा तो स्थिति और गंभीर होने की आशंका है। घाटाल के विस्तृत क्षेत्र के निवासी इसी चिंता के बीच दिन गुजार रहे हैं।