पथराव-लाठीचार्ज में कई घायल, 9 दिन से अनशन पर बैठे देवेंद्र को कंधों पर उठाकर लाए
विधायक जयराम ने की शांत रहने की अपील
छात्रों ने पुलिस की 8 बैरिकेडिंग पार की।
वाटर कैनन की बौछारों के बीच भी नारेबाजी जारी रही।
देवेंद्र नाथ महतो को समर्थक पालकी में कंधों पर उठाकर ले गए।
पथराव और लाठीचार्ज के बाद कई छात्र व पुलिसकर्मी घायल हुए।
14वीं जेपीएससी समेत विवादित परीक्षाओं को रद्द करने और सीबीआई जांच की मांग पर छात्र अड़े रहे

रांची, 10 अगस्त। झारखंड में जेपीएससी और जेएसएससी की परीक्षाओं में कथित गड़बड़ी के खिलाफ छात्रों का गुस्सा सोमवार को सड़कों पर फूट पड़ा। हजारों आंदोलनकारी विधानसभा घेराव के लिए निकले तो पुलिस की कई स्तरों वाली सुरक्षा व्यवस्था एक-एक कर टूटती चली गई। छात्रों ने आठ बैरिकेडिंग पार कर विधानसभा के मुहाने तक पहुंचने में सफलता हासिल की। पुलिस ने वाटर कैनन चलाया, लेकिन प्रदर्शनकारी पीछे हटने के बजाय पानी की तेज बौछारों के बीच नारेबाजी करते और झूमते नजर आए।
स्थिति उस समय ज्यादा तनावपूर्ण हो गई, जब जगन्नाथपुर मंदिर के पीछे प्रदर्शन कर रहे छात्रों के एक समूह और पुलिस के बीच टकराव हो गया। पुलिस के अनुसार, कुछ प्रदर्शनकारियों ने पथराव किया और जूते-चप्पल भी फेंके। इसके बाद धक्का-मुक्की शुरू हुई और स्थिति बिगड़ने पर पुलिस ने लाठीचार्ज कर दिया। इस दौरान छात्रों और पुलिसकर्मियों के घायल होने की सूचना है। एक पुलिसकर्मी को एंबुलेंस से अस्पताल भेजा गया, जबकि एक छात्र के सिर में गंभीर चोट लगने की बात सामने आई।
कच्चे और पहाड़ी रास्तों से निकला छात्रों का हुजूम
प्रशासन ने मुख्य सड़क पर मजबूत बैरिकेडिंग कर विधानसभा की ओर जाने वाले रास्ते बंद कर दिए थे। इसके बावजूद छात्र नहीं रुके। मुख्य मार्ग पर पुलिस का कड़ा घेरा देखकर बड़ी संख्या में आंदोलनकारी खेतों, कच्चे और पहाड़ी रास्तों से होते हुए आगे बढ़ गए। कई जगह छात्रों ने बैरिकेड खींचकर हटा दिए।
आंदोलन की अगुवाई कर रहे जेपीएससी-जेएसएससी रिफॉर्म मोर्चा के स्वयंसेवक लगातार भीड़ को शांत रखने की कोशिश करते रहे। कई स्थानों पर प्रदर्शनकारियों और मोर्चा के प्रतिनिधियों के बीच भी धक्का-मुक्की हुई। बाद में मानव शृंखला बनाकर छात्रों को रोकने का प्रयास किया गया। छात्र सड़क पर बैठ गए और वंदे मातरम, भारत माता की जय और अपनी मांगों के समर्थन में नारे लगाने लगे।

देवेंद्र को पालकी में कंधों पर उठाकर पहुंचे समर्थक
जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में नौ दिनों से अनशन पर बैठे जेएलकेएम नेता देवेंद्र नाथ महतो भी मार्च में शामिल हुए। कमजोर हालत के कारण उन्हें एंबुलेंस से विधानसभा की ओर ले जाया जा रहा था, लेकिन जगन्नाथपुर मंदिर के पास रोके जाने के बाद समर्थकों ने उन्हें कपड़े और डंडे से बनी पालकी में कंधों पर उठा लिया। इसके बाद वे आंदोलनकारियों के बीच पहुंचे।
जेएलकेएम विधायक जयराम कुमार महतो भी विधानसभा की कार्यवाही के बाद छात्रों के बीच पहुंचे। उन्होंने प्रदर्शनकारियों से विधानसभा के गेट तक नहीं जाने और आंदोलन को शांतिपूर्ण रखने की अपील की।
तीसरी वार्ता विफल, इसलिए सड़क पर उतरे छात्र
आंदोलनकारी छात्र 14वीं जेपीएससी प्रारंभिक परीक्षा समेत कथित रूप से विवादित परीक्षाओं को रद्द करने, भर्ती प्रक्रिया में व्यापक सुधार और पूरे मामले की सीबीआई जांच की मांग कर रहे हैं। रविवार को सरकार और छात्र प्रतिनिधियों के बीच तीसरे दौर की वार्ता भी बेनतीजा रही। इसके बाद 24 जिलों से छात्र बसों, ट्रेनों और निजी वाहनों से रांची पहुंचे।
राजधानी में विधानसभा और मुख्यमंत्री आवास के आसपास दिनभर सुरक्षा कड़ी रही।
