झारखंड को नहीं बनने देंगे बंगाल बाबूलाल

रांची, 18 जनवरी।  झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने ईडी बनाम रांची पुलिस प्रकरण को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने इसे एक सुनियोजित साजिश करार देते हुए पूरे मामले की सीबीआई जांच की मांग की है।

श्री मरांडी ने सोशल मीडिया पर जारी बयान में कहा कि ईडी के क्षेत्रीय कार्यालय पर हाल के दिनों में रांची पुलिस द्वारा की गई कार्रवाई के पीछे की साजिश अब उजागर हो चुकी है। ईडी कार्यालय में बुलाकर मारपीट किए जाने का आरोप लगाने वाले संतोष कुमार ने स्वयं स्वीकार किया है कि वह 12 जनवरी को बिना किसी समन के ईडी कार्यालय पहुंचा था। उस दिन न तो ईडी ने उसे तलब किया था और न ही किसी पूछताछ का कार्यक्रम तय था।

उन्होंने कहा कि पूर्व में ईडी की पूछताछ के दौरान संतोष कुमार ने तत्कालीन मंत्री समेत कई अधिकारियों और अन्य व्यक्तियों के नाम लिए थे। संतोष कुमार पहले यह भी स्वीकार कर चुका है कि पेयजल विभाग के पूर्व सचिव मनीष रंजन, इंजीनियरों, तत्कालीन मंत्री और उनके भाई द्वारा हर योजना में 10 प्रतिशत कमीशन की वसूली की जाती थी। इसी मामले में करीब 18 ठिकानों पर छापेमारी हुई थी, जहां से नगदी और महत्वपूर्ण दस्तावेज जब्त किए गए थे। अब संतोष कुमार अपने पुराने बयानों से पलटते हुए ईडी पर ही आरोप लगा रहा है।

मरांडी ने इस पूरे घटनाक्रम के बाद संतोष कुमार को रांची पुलिस द्वारा दी गई सुरक्षा पर भी सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि जिस व्यक्ति को कुछ समय पहले घोटाले के आरोप में गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था, उसी के घर पर अब पांच सशस्त्र पुलिसकर्मियों की तैनाती कर दी गई है। उन्होंने सवाल किया कि क्या वास्तव में संतोष कुमार की सुरक्षा को कोई खतरा है, या फिर पुलिस सुरक्षा के नाम पर उसे घर में नजरबंद कर उसकी गतिविधियों पर निगरानी रखी जा रही है।

उन्होंने यह भी दावा किया कि जब रांची पुलिस ईडी कार्यालय को घेरने गई थी, उस समय पूरे घटनाक्रम की मॉनीटरिंग घोटाले के एक प्रमुख पात्र द्वारा डीजीपी कार्यालय से करवाई जा रही थी।

बाबूलाल मरांडी ने कहा कि यह पूरा मामला अब अत्यंत संदिग्ध हो चुका है और भ्रष्टाचार की जांच को प्रभावित करने का प्रयास साफ नजर आ रहा है। उन्होंने इस प्रकरण में रांची पुलिस के एसएसपी, डीसी, डीजीपी, तत्कालीन मंत्री मिथिलेश ठाकुर और मुख्यमंत्री की भूमिका की सीबीआई जांच कराए जाने की मांग की है।