भाजपा का राज्यव्यापी आंदोलन

भाजपा का राज्यव्यापी आंदोलन, 11 सितंबर तक डीसी-एसपी कार्यालयों के घेराव का कार्यक्रम

रांची, 8 सितंबर। झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (जेएसएससी) और झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) की परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं की केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) से जांच कराने और छात्रों के आंदोलन के दौरान दर्ज मुकदमे वापस लेने की मांग को लेकर भाजपा ने मंगलवार से राज्यव्यापी आंदोलन शुरू किया। पार्टी ने आठ से 11 सितंबर तक सभी जिलों में उपायुक्त (डीसी) और पुलिस अधीक्षक (एसपी) कार्यालयों के घेराव का कार्यक्रम तय किया है। पहले दिन रांची, दुमका, हजारीबाग, जमशेदपुर और गढ़वा में भाजपा कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया।

रांची में भाजपा कार्यकर्ता जिला स्कूल, शहीद चौक से जुलूस के रूप में समाहरणालय पहुंचे। प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू के नेतृत्व में हुए प्रदर्शन में हटिया विधायक नवीन जायसवाल, रांची विधायक सीपी सिंह, पूर्व सांसद दीपक प्रकाश और रांची की मेयर रोशनी खलखो सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता शामिल हुए। नेताओं ने राज्य सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ी की सीबीआई जांच और छात्रों पर दर्ज मुकदमे वापस लेने की मांग की।

आदित्य साहू ने आरोप लगाया कि परीक्षा में गड़बड़ी के खिलाफ आंदोलन कर रहे छात्रों पर सरकार ने कार्रवाई कर मुकदमे दर्ज किए। उन्होंने कहा कि भाजपा छात्रों के साथ खड़ी है और सीबीआई जांच तथा मुकदमे वापस लेने की मांग को लेकर आंदोलन जारी रखेगी।

रांची के विधायक सीपी सिंह ने आरोप लगाया कि राज्य सरकार सीबीआई जांच से बचना चाहती है। वहीं, हटिया विधायक नवीन जायसवाल ने कहा कि यदि सरकार को किसी तरह की आपत्ति नहीं है तो उसे निष्पक्ष जांच के लिए सीबीआई जांच कराने में आगे आना चाहिए।

हजारीबाग में हजारों छात्रों और कार्यकर्ताओं का मार्च

हजारीबाग में भाजपा जिलाध्यक्ष विवेकानंद सिंह के नेतृत्व में डीसी और एसपी कार्यालय के घेराव का कार्यक्रम हुआ। निर्मल महतो पार्क से भाजपा कार्यकर्ताओं और छात्रों ने नारेबाजी करते हुए समाहरणालय तक पैदल मार्च किया। समाहरणालय के मुख्य द्वार के पास प्रदर्शन सभा में बदल गया।

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री एवं ओडिशा के पूर्व राज्यपाल रघुवर दास शामिल हुए। स्थानीय सांसद मनीष जायसवाल, पूर्व सांसद एवं पूर्व प्रदेश अध्यक्ष यदुनाथ पांडे, बरही विधायक मनोज यादव, बरकट्ठा विधायक अमित यादव, पूर्व विधायक किशुन कुमार दास और प्रदेश मंत्री डॉ. अमरदीप यादव सहित कई नेता मौजूद रहे।

रघुवर दास ने आरोप लगाया कि नियुक्तियों में हुई कथित गड़बड़ियों और पेपर लीक की सीबीआई जांच होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि जांच के बाद दोषियों पर कार्रवाई की जाए और छात्रों पर दर्ज मुकदमे वापस लिए जाएं। उन्होंने कहा कि भाजपा छात्रों और बेरोजगार युवाओं के हित में सड़क से सदन तक लड़ाई जारी रखेगी।

हजारीबाग के सांसद मनीष जायसवाल ने कहा कि छात्रों की मांग भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता और कथित गड़बड़ियों की निष्पक्ष जांच की है। उन्होंने पूर्ववर्ती भाजपा सरकार के दौरान हुई पुलिस नियुक्तियों का हवाला देते हुए कहा कि उस समय भर्ती प्रक्रिया पर इस तरह के सवाल नहीं उठे थे।

बरही विधायक मनोज यादव ने राज्य सरकार पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए। बरकट्ठा विधायक अमित यादव ने भी सरकार की नीतियों पर सवाल उठाए। कार्यक्रम को यदुनाथ पांडे, किशुन कुमार दास और डॉ. अमरदीप यादव सहित अन्य नेताओं ने संबोधित किया।

जमशेदपुर में उपायुक्त कार्यालय के समक्ष प्रदर्शन

जमशेदपुर महानगर भाजपा ने साकची स्थित उपायुक्त कार्यालय के समक्ष प्रदर्शन किया। कार्यकर्ता जिला भाजपा कार्यालय से पैदल मार्च करते हुए उपायुक्त कार्यालय पहुंचे। पूर्व मुख्यमंत्री मधु कोड़ा, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष डॉ. दिनेशानंद गोस्वामी, जिलाध्यक्ष संजीव सिन्हा, पूर्व विधायक मेनका सरदार और पूर्व जिलाध्यक्ष देवेंद्र सिंह सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता प्रदर्शन में शामिल हुए।

मधु कोड़ा ने कहा कि भर्ती परीक्षाओं में किसी भी तरह की गड़बड़ी का सीधा असर युवाओं के भविष्य पर पड़ता है। उन्होंने कथित अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच और भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करने की मांग की।

प्रदर्शन के बाद भाजपा प्रतिनिधिमंडल ने उपायुक्त की अनुपस्थिति में एडीसी को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। इसमें विभिन्न भर्ती परीक्षाओं में कथित धांधली और भ्रष्टाचार की सीबीआई जांच, दोषियों के खिलाफ कार्रवाई तथा आंदोलन कर रहे युवाओं पर दर्ज प्राथमिकी वापस लेने की मांग की गई।

चार जिलों में भी उठी सीबीआई जांच की मांग

दुमका में नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी, गढ़वा में केंद्रीय रक्षा राज्यमंत्री संजय सेठ समेत अन्य जिलों में भाजपा नेताओं ने प्रदर्शन की अगुवाई की। पार्टी नेताओं ने कहा कि भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता और छात्रों के हितों को सुनिश्चित करने के लिए सरकार को सीबीआई जांच और मुकदमे वापस लेने की मांग पर तत्काल निर्णय लेना चाहिए।

भाजपा ने चेतावनी दी है कि मांगों पर सकारात्मक कार्रवाई नहीं होने पर आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा।