पूर्वी सिंहभूम, 21 अगस्त। पूर्वी सिंहभूम जिले के गुड़ाबांदा प्रखंड की बालिजुड़ी ग्राम पंचायत के बेनागाड़िया राजस्व ग्राम में जाहेर स्थान पर गाय की बलि दिए जाने के आरोप को लेकर विवाद बढ़ गया है। ग्रामीणों ने मामले में प्रशासन से हस्तक्षेप कर कार्रवाई की मांग की है।
ग्रामीणों ने अंचल अधिकारी गुड़ाबांदा, उपायुक्त पूर्वी सिंहभूम, जिला पंचायत राज पदाधिकारी, घाटशिला के देश परगना तथा बालिजुड़ी पंचायत की मुखिया को लिखित आवेदन सौंपा है। आवेदन में वर्तमान गैर-पारंपरिक अथवा चुनावी ग्राम प्रधान बालिराम हेम्ब्रम पर अपने सहयोगियों सिंगराई हेम्ब्रम और कारान टुडू के साथ मिलकर गांव के जाहेर स्थान में गाय की बलि देने का आरोप लगाया गया है।
ग्रामीणों का कहना है कि जाहेर स्थान संथाल समुदाय का पवित्र धार्मिक स्थल है। वहां कथित रूप से गाय की बलि दिए जाने को लेकर गांव के विभिन्न समूहों में नाराजगी और तनाव की स्थिति बनी हुई है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मामले की जांच कर उचित कार्रवाई की मांग की है।
पारंपरिक ग्राम प्रधान को हटाने के बाद बढ़ा विवाद
शिकायत में ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि पूर्व पारंपरिक ग्राम प्रधान शशि हेम्ब्रम ने गाय-भैंस की बलि का विरोध किया था। इसके बाद उन्हें ग्राम प्रधान के पद से हटाकर बालिराम हेम्ब्रम को गैर-पारंपरिक चुनावी ग्राम प्रधान बनाया गया। ग्रामीणों ने जाहेर स्थान में धार्मिक महत्व वाले पेड़ को बेचने को लेकर भी विवाद होने की बात आवेदन में कही है।
ग्रामीणों ने वर्तमान ग्राम प्रधान बालिराम हेम्ब्रम को पद से हटाने और उनका मानदेय बंद करने की मांग की है। साथ ही पेसा अधिनियम के प्रावधानों के तहत शशि हेम्ब्रम को पुनः पारंपरिक ग्राम प्रधान नियुक्त करने की मांग प्रशासन के समक्ष रखी है।
शांति व्यवस्था बनाए रखने की मांग
ग्रामीणों ने प्रशासन से कहा है कि विवाद का स्थायी समाधान होने तक गांव में शांति और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएं। उनका कहना है कि धार्मिक स्थल से जुड़ा विवाद सामाजिक तनाव का कारण बन सकता है। इसलिए मामले की जांच कर ग्रामीणों की शिकायत और पारंपरिक ग्राम व्यवस्था के संबंध में उचित निर्णय लिया जाए।
आवेदन सौंपने वालों में बालिराम हेम्ब्रम, शुकुंतला मुर्मू, फुलमंत्री टुडू, बाघराय मुरमु, चातुर मुर्मू, शन्नो मुर्मू, श्रीमती मुर्मू, चेंदुआ माकन मुन्ना, लिलमनी मुर्मू, बंसा मुर्मू, सोनामनी मुर्मू, दलपते मुर्मू, अहानी मनी मुर्मू और सीता राम हेम्ब्रम सहित कई ग्रामीण शामिल थे।
