पूर्वी सिंहभूम, 15 सितंबर । पूर्वी सिंहभूम जिले के सुदूर ग्रामीण और दूरदराज इलाकों के लोगों को अब छोटी-बड़ी समस्याओं की शिकायत लेकर जिला मुख्यालय तक लंबी दूरी तय नहीं करनी होगी। जिला प्रशासन ने जनता और प्रशासन के बीच दूरी कम करने तथा शिकायतों के निस्तारण की प्रक्रिया को सरल, पारदर्शी और जवाबदेह बनाने के उद्देश्य से मंगलवार को व्हाट्सएप आधारित चैटबॉट सेवा ‘अबुआ मित्र’ शुरू की। समाहरणालय में उपायुक्त राजीव रंजन ने इसका शुभारंभ किया। इस दौरान डीडीसी नागेंद्र पासवान, एडीसी अनुराग तिवारी, एसडीओ अरनिश मिश्रा समेत अन्य प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे।
‘अबुआ मित्र’ के माध्यम से नागरिक अब 24 घंटे अपने मोबाइल फोन से शिकायत दर्ज करा सकेंगे। इसके लिए उन्हें 8580090001 नंबर अपने मोबाइल में सेव करना होगा या प्रशासन की ओर से जारी क्यूआर कोड स्कैन करना होगा। इसके बाद व्हाट्सएप पर ‘हाय’ या ‘जोहार’ लिखकर भेजते ही चैटबॉट की सेवा शुरू हो जाएगी। यह सुविधा हिंदी और अंग्रेजी दोनों भाषाओं में उपलब्ध होगी। चैटबॉट में नई शिकायत दर्ज करने के साथ पहले से दर्ज शिकायत की स्थिति जानने का विकल्प भी मिलेगा।
शिकायत दर्ज करते समय आवेदक को नाम, शहरी या ग्रामीण क्षेत्र, संबंधित नगर निकाय अथवा प्रखंड, वार्ड नंबर और पूरा पता जैसी आवश्यक जानकारी देनी होगी। समस्या से जुड़े दस्तावेज, फोटो या अन्य साक्ष्य भी व्हाट्सएप के जरिए अपलोड किए जा सकेंगे। इससे शिकायत के साथ जरूरी प्रमाण उपलब्ध होंगे और संबंधित विभाग के अधिकारियों को मामले की जांच तथा कार्रवाई करने में सहूलियत होगी।
शिकायत दर्ज होते ही आवेदक को एक शिकायत संख्या मिलेगी। इसके बाद शिकायत का विवरण जन सहायता जेएसआर पोर्टल पर अपलोड कर संबंधित विभाग या कार्यालय को कार्रवाई के लिए भेजा जाएगा। शिकायतकर्ता को आवेदन की प्रगति की जानकारी प्रत्येक चरण पर एसएमएस और व्हाट्सएप के माध्यम से मिलती रहेगी। इस व्यवस्था का उद्देश्य शिकायत के पंजीकरण से लेकर उसके निस्तारण तक पूरी प्रक्रिया की ऑनलाइन निगरानी को मजबूत करना है।
‘अबुआ मित्र’ की सबसे अहम विशेषता शिकायतकर्ता की संतुष्टि से जुड़ी है। प्रशासन के स्तर पर कार्रवाई पूरी हो जाने के बाद भी शिकायत को स्वतः बंद नहीं माना जाएगा। शिकायतकर्ता को अपनी प्रतिक्रिया देने का अवसर मिलेगा और उसकी संतुष्टि के बाद ही मामले को निस्तारित माना जाएगा।
इस व्यवस्था से केवल कागजों पर शिकायतों के निस्तारण के बजाय वास्तविक समाधान पर जोर दिया जाएगा। इससे विभागीय कार्रवाई की गुणवत्ता और शिकायत निवारण की जवाबदेही तय करने में भी मदद मिलने की उम्मीद है।
उपायुक्त राजीव रंजन ने बताया कि सामान्य प्रकृति की शिकायतों का यथासंभव शीघ्र निस्तारण किया जाएगा। वहीं, म्यूटेशन जैसे कानूनी समय-सीमा से जुड़े मामलों का निपटारा निर्धारित नियमों और तय समय-सीमा के अनुसार होगा।
यदि कोई शिकायत 15 दिन से अधिक समय तक लंबित रहती है तो सिस्टम उसे स्वतः फ्लैग करेगा। इससे ऐसे मामलों की पहचान कर उच्च स्तर से उनकी निगरानी की जा सकेगी और आवश्यक कार्रवाई के लिए संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए जा सकेंगे।
प्रशासन ने जनता दरबार से पहले प्रत्येक सप्ताह लंबित शिकायतों की ऑनलाइन समीक्षा की व्यवस्था भी की है। इससे जनता दरबार में सामने आने वाली नई शिकायतों के साथ पहले से दर्ज मामलों की प्रगति पर भी नियमित नजर रखी जा सकेगी।
प्रशासन ने फर्जी अथवा तथ्यहीन शिकायतों की पहचान के लिए भी व्यवस्था की है। जन सहायता कोषांग की टीम शिकायतकर्ताओं की ओर से उपलब्ध कराए गए दस्तावेज और साक्ष्यों की जांच करेगी। इससे शिकायत निवारण प्रणाली का दुरुपयोग रोकने और वास्तविक मामलों पर प्रशासन का ध्यान केंद्रित करने में मदद मिलेगी।
जिला प्रशासन के अनुसार, ‘अबुआ मित्र’ का सबसे बड़ा लाभ उन लोगों को मिलेगा, जिन्हें किसी समस्या की शिकायत दर्ज कराने के लिए सुदूर ग्रामीण इलाकों से जिला मुख्यालय तक आना पड़ता है। यात्रा में लगने वाले समय और खर्च से बचते हुए वे घर बैठे मोबाइल के जरिए प्रशासन तक अपनी बात पहुंचा सकेंगे।
प्रशासन की योजना भविष्य में इस चैटबॉट को कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित बनाने की भी है। इसके बाद नागरिकों को समस्या टाइप करके बताने के बजाय बोलकर भी शिकायत दर्ज कराने की सुविधा मिल सकेगी। इससे डिजिटल माध्यमों से शिकायत दर्ज कराने की प्रक्रिया और आसान होने की उम्मीद है।
