ओंकार

रांची, 15 सितंबर । झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने  जामताड़ा के चादर डिपो में आयोजित जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि झारखंड के जल, जंगल, जमीन और खनिज संपदा पर किसी की नजर बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

उन्होंने कहा कि एमएमडीआर एक्ट में किया गया संशोधन झारखंड के हितों के खिलाफ है । इसके पीछे की मंशा झारखंड को उसके अधिकारों और संसाधनों से वंचित करना है। उन्होंने कहा कि इस कानून के लागू होने से राज्य को मिलने वाले हजारों करोड़ रुपये के राजस्व पर गंभीर असर पड़ेगा, जिसका सीधा नुकसान झारखंड की जनता और विकास योजनाओं को होगा।

डॉ अंसारी ने कहा, “यह लड़ाई किसी एक व्यक्ति, पार्टी या समुदाय की नहीं है, बल्कि पूरे झारखंड की लड़ाई है। हमें जात-पात और हिंदू-मुस्लिम की राजनीति से ऊपर उठकर अपने जल, जंगल, जमीन और अधिकारों की रक्षा के लिए एकजुट होना होगा।”

नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी को चुनौती देते हुए डॉ. अंसारी ने कहा, “अगर आप वास्तव में झारखंड की जनता की चिंता करते हैं तो विकास की बात कीजिए, रोजगार की बात कीजिए, युवाओं के भविष्य की बात कीजिए। झारखंड के अधिकार और एमएमडीआर से जुड़े मुद्दे पर मजबूती से जनता के साथ खड़े होते तो मुझे खुशी होती।”
उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा के नेता आदिवासी, दलित और अल्पसंख्यक समाज को लेकर भ्रम और भय का माहौल बनाने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि जनता को असली मुद्दों से भटकाकर जाति और धर्म के नाम पर राजनीति करना झारखंड के हित में नहीं है।
डॉ. अंसारी ने कहा कि कांग्रेस पार्टी झारखंड के अधिकारों की रक्षा के लिए मजबूती से आवाज उठाती रहेगी। उन्होंने झारखंड की जनता से अपील करते हुए कहा कि हम सबको एकजुट होकर जनविरोधी नीतियों का विरोध करना होगा और अपने अधिकारों की लड़ाई को मजबूत करना होगा।
उन्होंने कहा, “जनता हमारे साथ है, लेकिन भाजपा की नीतियां जनता के साथ नहीं हैं। भाजपा के नेता जहर उगलने और समाज को बांटने में व्यस्त हैं। झारखंड की जनता अब सब समझ चुकी है और वह अपने अधिकारों के लिए निर्णायक लड़ाई लड़ने को तैयार है।”
डॉ. अंसारी ने जननायक राहुल गांधी जी और मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन जी के हाथों को मजबूत करने की अपील करते हुए कहा कि झारखंड के अधिकार, सम्मान और भविष्य की लड़ाई में सभी वर्गों को एकजुट होकर आगे आना होगा।
सभा में बड़ी संख्या में उपस्थित लोगों ने स्वास्थ्य मंत्री के समर्थन में आवाज बुलंद करते हुए कहा कि “हम स्वास्थ्य मंत्री के साथ थे, हैं और आगे भी रहेंगे। झारखंड के अधिकारों की लड़ाई में हम हर आंदोलन में उनके साथ खड़े रहेंगे।”
जनसभा के दौरान लोगों ने भाजपा की नीतियों के खिलाफ जोरदार विरोध दर्ज कराया और जल, जंगल, जमीन, खनिज संपदा तथा झारखंड के अधिकारों की रक्षा के लिए संघर्ष जारी रखने का संकल्प लिया।