बीडीओ को बंधक बनाया

मोबाइल से वीडियो बनाने को लेकर विवाद के बाद हालात बिगड़े

तीन थानों की पुलिस, एसडीएम और एसडीपीओ ने संभाला मोर्चा

रात बजे 11 बजे मुक्त कराए गए बीडीओ

ओंकार समाचार 

गिरिडीह, 4 सितंबर।  विशेष  गहन पुनरीक्षण (एस आई आर) अभियान  के दौरान गुरुवार को गिरिडीह जिले के सरिया प्रखंड के कुसमाडीह पंचायत सचिवालय में   ग्रामीणों ने प्रखंड विकास पदाधिकारी  ललित नारायण तिवारी समेत कई कर्मचारियों को  पंचायत भवन के अंदर बंधक बना लिया। ग्रामीणों ने पंचायत भवन के मुख्य गेट पर बाहर से ताला लगा दिया और बीडीओ से माफी की मांग को लेकर देर रात तक प्रदर्शन करते रहे। घटना की सूचना मिलते ही प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया। प्रशासन ने घटना को मामूली नोकझोंक बताया है।

मोबाइल से वीडियो बनाने को लेकर शुरू हुआ विवाद

प्राप्‍त जानकारी के अनुसार, गुरुवार को कुसमाडीह पंचायत सचिवालय में एस आई आर को लेकर विशेष कैंप लगाया गया था। सरिया बीडीओ  ललित नारायण तिवारी  सर्वेक्षण कार्य और कर्मियों के कामकाज का निरीक्षण कर रहे थे। इसी दौरान एक युवक मोहम्मद आजाद अंसारी मोबाइल फोन से पूरे कार्य का वीडियो बनाने लगा। बीडीओ ने वीडियो बनाए जाने पर आपत्ति जताई। इस बात को लेकर दोनों के बीच कहासुनी शुरू हो गई।

ग्रामीणों का आरोप है कि विवाद बढ़ने के बाद बीडीओ ने युवक के साथ मारपीट की और उसका गला दबाने का प्रयास किया।  युवक के साथ  मारपीट की खबर फैलते ही  सैकड़ों  ग्रामीण पंचायत सचिवालय पहुंच गए।

ग्रामीणों ने  बीडीओ और उनके साथ मौजूद अन्य कर्मियों को पंचायत भवन के एक कमरे में बंद कर दिया और बाहर से ताला जड़ दिया।  ग्रामीणों ने पंचायत भवन के बाहर नारेबाजी शुरू कर दी। स्थिति तनावपूर्ण होते देख स्थानीय प्रशासन को सूचना दी गई।

तीन थानों की पुलिस के साथ पहुंचे एसडीएम और एसडीपीओ 

बी‍डीओ और कर्मचारियों को बंधक बनाने की सूचना मिलते ही सरिया-बगोदर के एसडीएम संतोष कुमार गुप्ता और एसडीपीओ  धनंजय राम पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। सरिया, बगोदर और बिरनी थाना की पुलिस को भी बुलाया गया। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने ग्रामीणों को समझा कर पंचायत भवन का ताला खुलवाने का प्रयास किया, लेकिन ग्रामीण अपनी मांग पर अड़े रहे। ग्रामीणों का कहना था कि युवक के साथ मारपीट करने वाले बीडीओ सार्वजनिक रूप से पीड़ित युवक और ग्रामीणों से माफी मांगनी होगी। जब तक माफी नहीं मांगी जाती, तब तक पंचायत भवन का ताला नहीं खोला जाएगा

गतिरोध कई घंटे चला  

शाम करीब साढ़े चार से पांच बजे के बीच शुरू हुआ विवाद देर रात तक जारी रहा,  छह बजे तक स्थिति गंभीर बनी रही। प्रशासन के सामने सबसे बड़ी चुनौती  बीडीओ  और अन्य कर्मचारियों को सुरक्षित बाहर निकालना था।प्रशासनिक अधिकारी लगातार ग्रामीणों से बातचीत करते रहे, लेकिन ग्रामीण पीछे हटने को तैयार नहीं थे।
रात करीब साढ़े नौ बजे तक एसडीएम  संतोष कुमार गुप्ता और एसडीपीओ  धनंजय राम पुलिस बल के साथ मौके पर मौजूद रहे। पंचायत भवन के बाहर ग्रामीणों की भीड़ नारेबाजी करती रही ।
एसडीएम ने बताया मामूली नोकझोंक
मामले को लेकर सरिया एसडीएम संतोष कुमार गुप्ता ने कहा कि बीडीओ के साथ कुछ विवाद के बाद ग्रामीणों द्वारा उन्हें पंचायत भवन में बंधक बनाए जाने की सूचना मिली थी। उन्होंने कहा कि ग्रामीणों से बातचीत की जा रही है और स्थिति को सामान्य करने का प्रयास किया जा रहा है।
देर रात करीब 11 बजे मुक्त हुए बीडीओ
कई घंटे चले इस घटनाक्रम के बाद देर रात करीब 11 बजे बीडीओ  ललित नारायण तिवारी और अन्य कर्मचारियों को  मुक्त कराया गया। इसके बाद प्रशासन ने राहत की सांस ली। हालांकि, युवक और बीडीओ  के बीच हुए विवाद तथा कथित मारपीट को लेकर ग्रामीणों में देर रात तक आक्रोश बना रहा।