बीपीओ, पंचायत सचिव, सहायक अभियंता, जेई और रोजगार सेवक भी नामजद
ओंकार समाचार
गिरिडीह, 31 अक्टूबर । गिरिडीह सदर प्रखंड के पुरना नगर पंचायत में मनरेगा योजना के तहत पशु शेड निर्माण में 65 लाख 71 हजार 922 रुपए के गबन का मामला सामने आया है। इस मामले में मुखिया मीना देवी सहित सात लोगों के खिलाफ मुफ्फसिल थाना में प्राथमिकी दर्ज की गई है।
शिकायत सदर बीडीओ गणेश कुमार रजक द्वारा थाना प्रभारी को आवेदन देकर की गई। जांच रिपोर्ट के आधार पर जिला प्रशासन ने कार्रवाई का आदेश दिया था।
जानकारी के अनुसार, मनरेगा आयुक्त, झारखंड के पत्रांक 154 (दिनांक 3 फरवरी 2021) के तहत जिले की प्रत्येक पंचायत में केवल पांच पशु शेड निर्माण की स्वीकृति दी गई थी।
आरोप है कि इसके बावजूद पुरना नगर पंचायत की मुखिया मीना देवी, बीपीओ, पंचायत सचिव और अन्य अधिकारियों ने 62 पशु शेडों का निर्माण करवाकर योजना की राशि की गलत तरीके से निकासी की।
निर्माण कार्य में अनियमितताओं और वित्तीय गड़बड़ी की शिकायत स्थानीय ग्रामीणों द्वारा की गई थी।
सरिता देवी सहित कई ग्रामीणों ने उप विकास आयुक्त (डीडीसी) को आवेदन देकर जांच की मांग की।
डीडीसी के निर्देश पर डीआरडीए निदेशक आलोक कुमार, पंचायती राज पदाधिकारी और कार्यपालक अभियंता ने संयुक्त जांच की और विस्तृत रिपोर्ट डीडीसी को सौंपी।
जांच में पाया गया कि आवंटित राशि का दुरुपयोग किया गया तथा अधिकांश पशु शेडों का निर्माण मानक के अनुरूप नहीं हुआ। इस पर डीडीसी ने तत्कालीन बीपीओ भीखदेव पासवान, मुखिया मीना देवी, पंचायत सचिव सुरेश रजक, सहायक अभियंता बिरेन्द्र मुर्मू, कनीय अभियंता रूपेश कुमार, रोजगार सेवक सुरेंद्र कुमार दास सहित सात लोगों के विरुद्ध कार्रवाई का आदेश दिया।
इसके बाद बीडीओ गणेश कुमार रजक ने मुफ्फसिल थाना में एफआईआर दर्ज कराई। थाना प्रभारी श्याम किशोर महतो ने बताया कि प्राथमिकी के आधार पर अनुसंधान शुरू कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि “मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन पूरी सतर्कता बरत रहा है। दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।”
