कोलकाता, 03 नवंबर।
बांकुड़ा में ट्रेन से कटकर एक पुलिस इंस्पेक्टर की मौत के मामले में नया मोड़ सामने आया है। जांच में पता चला है कि मृतक इंस्पेक्टर पिछले लगभग 40 दिनों से बिना किसी पूर्व सूचना के अपनी ड्यूटी से अनुपस्थित थे। जिला पुलिस सूत्रों के अनुसार, पुलिस इंस्पेक्टर जयंत पाल शुक्रवार को हुई अपनी मौत से ठीक एक दिन पहले, गुरुवार को ही वापस ड्यूटी पर लौटे थे।
बांकुड़ा में डिस्ट्रिक्ट इंटेलिजेंस ब्रांच में तैनात जयंत पाल कथित तौर पर मानसिक तनाव से जूझ रहे थे। उनके सहकर्मियों ने बताया कि वे बेहद शांत स्वभाव के थे और अन्य अधिकारियों के साथ कम ही बातचीत करते थे।
सहकर्मियों ने यह भी याद किया कि पूर्व बर्धमान के कटवा पुलिस स्टेशन में अपनी पिछली पोस्टिंग के दौरान भी वे अक्सर बिना बताए अनुपस्थित रहा करते थे। विधानसभा चुनाव से लगभग तीन महीने पहले जब उनकी तैनाती कटवा में थी, तब भी वे संवेदनशील चुनावी दौर में एक-दो सप्ताह के लिए ड्यूटी से गायब हो जाते थे। उनके सहयोगियों के मुताबिक, उनकी अनुपस्थिति में अक्सर ट्रैफिक इंस्पेक्टर को थाने का प्रभार संभालना पड़ता था।
पिछले हफ़्ते शुक्रवार शाम केथरडांगा रेलवे गेट के पास रेलवे ट्रैक से इंस्पेक्टर पाल का क्षत-विक्षत शव बरामद किया गया था। कथित तौर पर वे डाउन आरण्यक एक्सप्रेस की चपेट में आ गए थे। पुलिस अभी तक यह स्पष्ट नहीं कर पाई है कि यह एक दुर्घटना थी या फिर आत्महत्या का मामला है। बांकुड़ा के पुलिस अधीक्षक पीवीजी सतीश ने बताया कि हमारे अधिकारी दुर्घटना और मानसिक तनाव सहित हर संभावित पहलू की जांच कर रहे हैं। उनके परिवार के सदस्यों और सहयोगियों के बयान भी दर्ज कर लिए गए हैं। जांचकर्ता संभावित निजी दुश्मनी के कोण को भी खंगाल रहे हैं।
इंस्पेक्टर पाल के परिवार वालों ने किसी भी तरह के राजनीतिक दबाव को उनके मानसिक तनाव का कारण मानने से इनकार किया है। कथित तौर पर स्थानीय तृणमूल कांग्रेस नेताओं से निकटता के कारण राज्य में राजनीतिक बदलावों के बाद उनका कटवा से तबादला कर दिया गया था।
जांचकर्ता जयंत पाल से जुड़ी एक पुरानी घटना की भी पड़ताल कर रहे हैं, जिसमें उन्हें गोली लगी थी। पिछले साल 20 फरवरी को, जब वे हुगली के चंडीतला पुलिस स्टेशन के प्रभारी इंस्पेक्टर थे, हावड़ा के घोषपारा इलाके में एक फ्यूल स्टेशन के पास उन्हें हाथ में गोली मार दी गई थी। कथित तौर पर इस गोलीबारी का तार एक विवाहेतर संबंध से जुड़ा था। जयंत पाल मूल रूप से पश्चिम बर्धमान के आसनसोल उत्तर थाना क्षेत्र के रहने वाले थे। इस बीच, बांकुड़ा सम्मिलनी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में हुए पोस्टमार्टम की प्रारंभिक रिपोर्ट में किसी भी नशीले पदार्थ के सेवन के सबूत नहीं मिले हैं। पुलिस मामले की गहनता से जांच कर रही है।
