कोलकाता, 26 जुलाई। पश्चिम बंगाल में मानसून पूरी तरह सक्रिय है। इसके कारण राज्यभर में मौसम का मिजाज बदला हुआ है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार, उत्तर बंगाल के जिलों में भारी से अत्यधिक भारी वर्षा की चेतावनी जारी की गई है। वहीं, कोलकाता सहित दक्षिण बंगाल के अधिकांश क्षेत्रों में बादल छाए रहने तथा गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम वर्षा होने की संभावना है।
दार्जिलिंग, कलिम्पोंग, जलपाईगुड़ी, अलीपुरद्वार और कूचबिहार में लगातार मूसलाधार वर्षा हो रही है। मौसम विभाग ने इन जिलों के लिए रेड अलर्ट जारी किया है। पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन और नदियों के जलस्तर में वृद्धि की आशंका जताई गई है।
दक्षिण बंगाल के मैदानी और तटीय क्षेत्रों में भी मानसून का प्रभाव साफ दिखाई दे रहा है। पूर्व मेदिनीपुर, झाड़ग्राम, दांतन, नारायणगढ़ और घाटल के निचले इलाकों में रुक-रुक कर हो रही वर्षा से कई स्थानों पर जलजमाव की स्थिति है। नदियों के किनारे बसे क्षेत्रों में जलस्तर पर प्रशासन लगातार नजर रखे हुए है।
विष्णुपुर, पुरुलिया और बीरभूम में गरज-चमक के साथ आंधी और वर्षा की संभावना जताई गई है। हुगली और हावड़ा में सुबह से बादल छाए हुए हैं। दोपहर और शाम के समय तेज हवा के साथ वर्षा होने के आसार हैं।
राज्य में अधिकतम तापमान 31 से 32 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 26 से 27 डिग्री सेल्सियस के बीच दर्ज किया जा रहा है। हवा में नमी 75 से 80 प्रतिशत से अधिक रहने के कारण वर्षा के बीच भी उमस बनी हुई है।
मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि अगले 24 से 48 घंटे तक पूरे पश्चिम बंगाल में मानसून की यही स्थिति बनी रह सकती है। प्रशासन ने तटीय और संवेदनशील क्षेत्रों के लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है।
