कोलकाता, 29 अप्रैल। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण के बीच एक भावनात्मक और राजनीतिक रूप से अहम तस्वीर उत्तर 24 परगना के पानीहाटी से सामने आई है। अपनी बेटी के लिए न्याय की लड़ाई को आगे बढ़ाते हुए आरजी कर पीड़िता की मां रत्ना देवनाथ सक्रिय राजनीति में उतरी हैं और इस बार भारतीय जनता पार्टी के टिकट पर चुनाव मैदान में हैं।
बुधवार सुबह मतदान करने के बाद उन्होंने पूरे आत्मविश्वास के साथ कहा, “हम ही जीतेंगे, इस बार न्याय जरूर मिलेगा।”
करीब डेढ़ साल पहले आरजी कर मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में एक महिला डॉक्टर के साथ दुष्कर्म और हत्या की घटना ने पूरे बंगाल को झकझोर दिया था। इस घटना के खिलाफ लाखों लोग सड़कों पर उतर आए थे और न्याय की मांग देश-विदेश तक गूंज उठी थी। मामले में दोषी संजय रॉय को अदालत ने उम्रकैद की सजा सुनाई, लेकिन पीड़िता के माता-पिता इस फैसले से संतुष्ट नहीं हैं।
न्याय की उम्मीद में उन्होंने प्रधानमंत्री से मिलने का प्रयास भी किया, लेकिन मुलाकात नहीं हो सकी। समय के साथ इस मामले ने राजनीतिक रूप भी ले लिया। अपनी बेटी के लिए न्याय की लड़ाई को आगे बढ़ाने के उद्देश्य से रत्ना देवनाथ ने भाजपा के टिकट पर चुनाव लड़ने का फैसला किया।
प्रत्याशी के रूप में नाम घोषित होने के बाद से ही रत्ना देवनाथ आत्मविश्वास से भरी नजर आई हैं। उनका मानना है कि जनता न्याय के पक्ष में फैसला देगी।
बुधवार सुबह वह मतदान केंद्र पहुंचीं और अपना वोट डाला। इस दौरान उनकी साड़ी भी चर्चा का विषय बनी, जिसकी सफेद पृष्ठभूमि और काले किनारे पर लिखा था—“मेरुदंड बिकाऊ नहीं है।” वोट डालने के बाद उन्होंने कहा, “हम जीतेंगे, हमें न्याय मिलेगा और जनता हमें वोट देगी।”
वहीं, अभया के पिता ने भी भावुक होकर कहा, “बेटी के लिए न्याय पाने के लिए इस रास्ते पर चलना बेहद दुखद है, लेकिन हमें विश्वास है कि हम जीतेंगे।”
