ओंकार

रांची, 17 फरवरी। ब्रिटेन के विभिन्न प्रतिष्ठित विश्वविद्यालयों में अध्ययनरत राज्य के शोधार्थियों एवं शिक्षाविदों ने सोमवार को झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन  से कांके रोड स्थित मुख्यमंत्री आवासीय कार्यालय में शिष्टाचार भेंट की।

भेंट करने वालों में डॉ. रेजिना हांसदा (लेक्चर इन डेवलपमेंट एंड जस्टिस यूनिवर्सिटी,एडिनबर्ग, यूके), डॉ. रिचर्ड टोप्पो (मास्टर्स, ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी, पीएचडी, इंटरनेशनल इंस्टिट्यूट ऑफ़ सोशल स्टडीज), माधुरी खलखो (पर्सविंग, पीएचडी स्कूल का ओरिएंटल एंड अफ्रीकन स्टडीज, यूके), रूबी हेंब्रम (पर्सविंग, पीएचडी लंदन स्कूल ऑफ़ इकोनॉमिक्स, यूके) तथा सुश्री नोलीना मिंज (मास्टर्स, यूनिवर्सिटीज ऑफ़ सेंट. एंड्रयूज, यूके) शामिल थे।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने सभी का स्वागत करते हुए कहा कि राज्य सरकार की प्राथमिकता है कि झारखंड के विद्यार्थियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उच्च शिक्षा एवं शोध के अधिक से अधिक अवसर मिलें। उन्होंने कहा कि “मरंग गोमके जयपाल सिंह मुंडा परदेशीय छात्रवृत्ति योजना” के माध्यम से राज्य के मेधावी छात्र विदेशों में शिक्षा प्राप्त कर झारखंड का नाम रोशन कर रहे हैं।

शिक्षाविदों ने मुख्यमंत्री के शिक्षा के प्रति विजन की सराहना करते हुए कहा कि विदेश यात्रा के दौरान छात्रवृत्ति प्राप्त विद्यार्थियों से उनकी मुलाकात ने राज्य के युवाओं में नई ऊर्जा का संचार किया। उन्होंने 2050 तक अधिकाधिक विद्यार्थियों को इस योजना से जोड़ने की दिशा में प्रयास तेज करने की आवश्यकता पर बल दिया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि मरंग गोमके जयपाल सिंह मुंडा के बाद आज झारखंड के आदिवासी छात्र ऑक्सफोर्ड जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में अध्ययन कर रहे हैं, जो राज्य के लिए गर्व की बात है। वर्तमान में प्रतिवर्ष 25 छात्र इस छात्रवृत्ति योजना का लाभ उठा रहे हैं और आने वाले समय में लाभुकों की संख्या बढ़ाने के लिए सरकार प्रयासरत है।

मुख्यमंत्री ने सभी शोधार्थियों को शुभकामनाएं देते हुए राज्य के विकास में उनके योगदान की अपेक्षा व्यक्त की।