जीवित कछुए

धनबाद, 15 फ़रवरी। पूर्व मध्य रेल के धनबाद मंडल में रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) ने ऑपरेशन डब्ल्यूआईएलईपी के तहत वन्यजीव तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। ट्रेन संख्या 13010 योग नगरी ऋषिकेश-हावड़ा दून एक्सप्रेस के जनरल कोच से 16 जीवित कछुओं को बरामद किया गया है।

आरपीएफ को गुप्त सूचना मिली थी कि उक्त ट्रेन से कछुओं की तस्करी की जा रही है। सूचना के आधार पर आरपीएफ पोस्ट और सीआईबी की संयुक्त टीम ने प्लेटफार्म संख्या दो पर ट्रेन के आगमन के बाद जांच अभियान चलाया। जांच के दौरान इंजन की ओर से दूसरे सामान्य कोच में सीट के नीचे एक नीले रंग का कपड़े का थैला लावारिश अवस्था में पाया गया। किसी भी यात्री ने थैले पर अपना दावा नहीं किया, जिससे संदेह गहराया।

ट्रेन खुलने से पहले थैले को प्लेटफार्म पर उतारकर गवाहों के समक्ष खोलकर जांच की गई, जिसमें जूट के बोरे में रखे कुल 16 जीवित इंडियन फ्लापशेल प्रजाति के कछुए बरामद किए गए। इसके बाद जब्ती सूची बनाकर कछुओं को जब्त किया गया और आरपीएफ पोस्ट लाया गया।

आरपीएफ अधिकारियों ने बताया कि बरामद कछुए वन्य जीव संरक्षण अधिनियम 1972 के तहत संरक्षित प्रजाति में आते हैं। कछुओं को सुरक्षित रूप से वन विभाग को सौंपने की प्रक्रिया की जा रही है। मामले में तस्करों की पहचान और आगे की जांच जारी है।

इस कार्रवाई में चितरंजन सिंह, शशिकांत तिवारी, बबुलेश कुमार, प्रमोद कुमार, संजीव कुमार और अमित कुमार वर्मा शामिल थे। आरपीएफ ने कहा कि आगे भी वन्यजीव तस्करी के खिलाफ अभियान जारी रहेगा।