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कोलकाता, 05 फ़रवरी । पश्चिम बंगाल विधानसभा में राज्य सरकार ने अंतरिम बजट पेश कर सरकारी कर्मचारियों को अतिरिक्त राहत देने की घोषणा की, वहीं इसी दिन गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट ने सरकारी कर्मचारियों के लंबित महंगाई भत्ता (डीए) मामले में बड़ा फैसला सुनाते हुए 2019 तक के बकाया डीए का 25 प्रतिशत भुगतान करने का निर्देश दिया।

राज्य की वित्त राज्य मंत्री चंद्रिमा भट्टाचार्य ने दोपहर 2:30 बजे विधानसभा में अंतरिम बजट पेश किया। आगामी विधानसभा चुनाव से पहले चार लाख छह हजार करोड़ रुपये का अंतरिम बजट विधानसभा में पेश किया गया है।

अंतरिम बजट में सरकारी कर्मचारियों के डीए में चार प्रतिशत बढ़ोतरी की घोषणा की गई। इसके अलावा सिविक वॉलंटियर और ग्रीन पुलिस के वेतन में एक हजार रुपये मासिक वृद्धि की गई, जिसके लिए 150 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। आशा कार्यकर्ताओं, आंगनवाड़ी कर्मियों और आंगनवाड़ी सहायिकाओं की मानदेय में भी हजार रुपये मासिक बढ़ोतरी की घोषणा हुई। आंगनवाड़ी कर्मियों और सहायिकाओं की मृत्यु की स्थिति में परिवार को पांच लाख रुपये मुआवजा देने का भी ऐलान किया गया, जिसके लिए 280 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं।

‘लक्ष्मी भंडार’ योजना के लाभार्थियों को अब हर महीने 500 रुपये अतिरिक्त मिलेंगे। यह बढ़ोतरी फरवरी से लागू होगी। इस योजना के लिए कुल 15 हजार करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। शिक्षाबंधुओं की मानदेय में भी हजार रुपये की बढ़ोतरी की घोषणा की गई है।

माध्यमिक पास बेरोजगार युवाओं के लिए नई भत्ता योजना (बांग्लार युवा साथी) की घोषणा की गई। 21 से 40 वर्ष आयु वर्ग के माध्यमिक पास युवक-युवतियों को 15 अगस्त से प्रतिमाह 1,500 रुपये मिलेंगे। यह भत्ता अधिकतम पांच वर्षों तक दिया जाएगा।

राज्य सरकार के पेंशनभोगियों के लिए भी बड़ी घोषणा की गई है। पश्चिम बंगाल हेल्थ स्कीम के तहत अब दो लाख रुपये से अधिक के इलाज खर्च का 75 प्रतिशत भी ‘कैशलेस’ सुविधा के दायरे में आएगा। इस संबंध में जल्द ही सरकारी अधिसूचना जारी की जाएगी। इसके अलावा ‘गिग इकॉनमी’ से जुड़े लोगों को भी स्वास्थ्य साथी योजना के अंतर्गत लाने की घोषणा की गई है।

बजट में बारुईपुर में ‘कल्चरल सिटी’ बनाने, राज्य में छह इंडस्ट्रियल और इकोनॉमिक कॉरिडोर विकसित करने तथा सूक्ष्म, कुटीर और मध्यम उद्योगों के लिए पांच नए इंडस्ट्रियल पार्क बनाने की घोषणा की गई।

बजट भाषण के अंत में वित्त राज्य मंत्री चंद्रिमा भट्टाचार्य ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की लिखी एक कविता पढ़ी। इस दौरान नेता प्रतिपक्ष शुभेंदु अधिकारी ने टिप्पणी की, जिस पर चंद्रिमा ने उन्हें “चुपचाप सुनने” की नसीहत दी। बजट भाषण के समापन पर विधानसभा में ‘जय बांग्ला’ के नारे भी लगे।

कुल मिलाकर, यह अंतरिम बजट सरकारी कर्मचारियों, महिलाओं और युवाओं पर केंद्रित रहा और चुनाव से पहले कई अहम लोकलुभावन घोषणाओं से भरा नजर आया।