कोलकाता, 23 जनवरी। भाजपा आईटी सेल प्रमुख अमित मालवीय ने गुरुवार देर रात सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर एक पोस्ट के ज़रिए पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और राज्य सरकार को घेरा। उन्होंने आरोप लगाया कि पश्चिम बंगाल में पत्रकारों की स्वतंत्रता खतरे में है और सवाल पूछने पर पत्रकारों को पुलिसिया कार्रवाई का सामना करना पड़ रहा है।
अपने पोस्ट में अमित मालवीय ने कहा कि एक समाचार चैनल के पत्रकार शंतू पान के बाद अब एक और पत्रकार किसलय मुखर्जी को पूछताछ के लिए तलब किया गया है। उन्होंने दावा किया कि किसलय मुखर्जी का “अपराध” सिर्फ इतना था कि उन्होंने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी से यह सवाल पूछा था कि क्या कोयला तस्करी से जुड़े पैसों का इस्तेमाल गोवा चुनाव में किया गया।
अमित मालवीय ने आरोप लगाया कि मौजूदा हालात में पश्चिम बंगाल की स्थिति बेहद चिंताजनक हो गई है। उन्होंने कहा कि एक ऐसी मुख्यमंत्री, जो सवालों का जवाब देने के बजाय पत्रकारों पर पुलिस छोड़ देती हैं, लोकतांत्रिक मूल्यों को कमजोर कर रही हैं। उन्होंने ममता बनर्जी पर तंज कसते हुए उन्हें आलोचना से घबराई हुई बताया और कहा कि गंभीर आरोपों का सामना करने के बजाय पत्रकारों को निशाना बनाया जा रहा है।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि ममता बनर्जी के शासनकाल में पत्रकारों, यूट्यूबर्स और नए मीडिया से जुड़े पेशेवरों को बार-बार परेशान किया गया, डराया गया और सरकार की विफलताओं को उजागर करने पर चुप कराने की कोशिश की गई।
अमित मालवीय ने अपने पोस्ट के अंत में दावा किया कि यह कथित डराने-धमकाने की राजनीति हमेशा नहीं चलेगी। उन्होंने कहा कि बंगाल की जनता सब देख रही है और अप्रैल–मई 2026 में इसका जवाब देगी। उन्होंने यह भी कहा कि उस समय “प्रेस की आज़ादी बहाल की जाएगी।”
