GAYAK

कोडरमा, 21 जनवरी। प्रसिद्ध भजन गायक कन्हैया मित्तल मंगलवार रात झुमरीतिलैया पहुंचे और यहां आयोजित भजन कार्यक्रम में शिरकत की। कार्यक्रम के दौरान उन्होंने एक से बढ़कर एक भजन प्रस्तुत किए, जिससे पूरा माहौल भक्तिमय हो गया और श्रोता झूमने पर मजबूर हो गए।

कार्यक्रम से पहले विशेष बातचीत में कन्हैया मित्तल ने कहा कि उनका गीत-संगीत सनातन धर्म के लिए समर्पित है और उनका उद्देश्य केवल भक्ति और आध्यात्मिक जागरूकता का प्रसार करना है।

मित्तल ने हाल ही में खाटू श्याम पर आधारित एआई फिल्म के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि इस फिल्म के माध्यम से खाटू श्याम के पुनर्जन्म, उनके दिव्य स्वरूप और उन्हें “हारे का सहारा” क्यों कहा जाता है, जैसे विषयों को लोगों तक पहुंचाने का प्रयास किया गया है। उन्होंने अपने प्रसिद्ध भजन “जो राम को लाए हैं, हम उनको लाएंगे” का जिक्र करते हुए स्पष्ट किया कि यह गीत किसी राजनीतिक सोच के तहत नहीं लिखा गया, बल्कि यह ईश्वर की कृपा से स्वतः उनकी कलम से निकला और अत्यधिक लोकप्रिय हुआ।

कन्हैया मित्तल ने कहा कि आज देश की युवा पीढ़ी जागरूक है और भविष्य की दिशा में सोच रही है। केवल युवा ही नहीं, बल्कि छोटे बच्चे भी आज की परिस्थितियों और सूचनाओं को भली-भांति समझते हैं, इसलिए उन्हें किसी भी प्रकार से भ्रमित नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा कि यह सोशल मीडिया का दौर है, जिसमें सही और गलत—दोनों तरह की जानकारियां बहुत तेजी से फैलती हैं।

उन्होंने बताया कि वर्तमान में वे चंडीगढ़ में 200 गायक तैयार कर रहे हैं, जिनके लिए वे स्वयं गीत-संगीत लिखते हैं। इस अभियान के तहत अब तक वे 15 से अधिक कलाकारों को लॉन्च कर चुके हैं। मित्तल ने कहा कि यदि कोई भजन गाने का इच्छुक कलाकार आर्थिक रूप से सक्षम नहीं है, तो वह भी इस पहल का हिस्सा बन सकता है। इस अभियान को वे अपनी भजन संध्या कार्यक्रमों से प्राप्त फीस के माध्यम से आगे बढ़ा रहे हैं।

अपनी भक्ति यात्रा के बारे में बताते हुए कन्हैया मित्तल ने कहा कि वे महज सात वर्ष की उम्र से बाबा खाटू श्याम के भजन गा रहे हैं, और अब यह यात्रा 28 वर्षों की हो चुकी है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2016 में उन्होंने गाना छोड़ दिया था, लेकिन कोरोना काल में पारिवारिक व्यवसाय में मन न लगने के कारण उन्होंने पुनः संगीत के क्षेत्र में लौटने का निर्णय लिया। वर्ष 2017 में उन्होंने पहली बार एक लाख रुपये का चेक लिया और उसी वर्ष 200 से अधिक कार्यक्रम किए।

मित्तल ने कहा कि उनके जीवन और करियर में खाटू श्याम जी की कृपा सदैव मार्गदर्शक रही है और वे अपने गीत-संगीत के माध्यम से आगे भी भक्ति और आध्यात्मिक संदेश समाज तक पहुंचाते रहेंगे।