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डिजिटल, पारदर्शी और दक्ष सार्वजनिक खरीद को लेकर झारखंड में बढ़ा भरोसा

रांची, 19 जनवरी।  भारत सरकार के गवर्नमेंट ई-मार्केटप्लेस (जेम)  की ओर से  आयोजित ‘जेम एक्सिलेंस इवेंट’ झारखंड के प्रोजेक्ट बिल्डिंग, धुर्वा, रांची में सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। एकदिवसीय इस कार्यक्रम का उद्देश्य झारखंड के सरकारी खरीदारों एवं राज्य आधारित विक्रेताओं को जेम की नवीन सुविधाओं, प्रक्रियाओं और सुधारों से अवगत कराते हुए सार्वजनिक खरीद को अधिक पारदर्शी, दक्ष और पूर्णतः डिजिटल बनाना था, ताकि राज्य में जेम के माध्यम से खरीद व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ किया जा सके।

कार्यक्रम में मिहिर कुमार, मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ), जेम, के साथ झारखंड सरकार के कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। इनमें अमित कुमार, सचिव, वाणिज्य कर विभाग; अबू इमरान, सचिव, वित्त विभाग (व्यय); संदीप सिंह, विशेष सचिव, वित्त विभाग; किरण कुमारी पासी, निदेशक, सामाजिक कल्याण निदेशालय शामिल थे। इसके अलावा बड़ी संख्या में सरकारी खरीदार, राज्य के विक्रेता एवं जेम के वरिष्ठ अधिकारी भी कार्यक्रम में मौजूद रहे।

कार्यक्रम का शुभारंभ अमरदीप गुप्ता, निदेशक, जेम के स्वागत संबोधन से हुआ। इसके बाद झारखंड में जेम के प्रदर्शन और उपलब्धियों पर आधारित एक विस्तृत प्रस्तुति दी गई। इस अवसर पर मिहिर कुमार और अमित कुमार ने प्रतिभागियों को संबोधित करते हुए जेम की भूमिका और भविष्य की दिशा पर प्रकाश डाला।

अपने संबोधन में सीईओ मिहिर कुमार ने कहा कि जेम पर कैटेगरी आधारित खरीद व्यवस्था ने सार्वजनिक खरीद को अधिक सुव्यवस्थित, तेज और प्रभावी बनाया है। यह प्रणाली सूक्ष्म एवं लघु उद्यमों (एमएसएमई), स्टार्टअप्स और स्थानीय उद्यमियों के लिए बड़े अवसर लेकर आई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जेम पर किसी विशेष ब्रांड को प्राथमिकता नहीं दी जाती, जिससे सभी विक्रेताओं को समान अवसर मिलता है, प्रतिस्पर्धा बढ़ती है और सरकार को उचित एवं बेहतर मूल्य पर वस्तुएं और सेवाएं प्राप्त होती हैं।

उन्होंने यह भी बताया कि उचित मूल्य सुनिश्चित करने के लिए जेम की आंतरिक मार्केट इंटेलिजेंस टीम ‘प्राइस सैनीटी’ पर निरंतर कार्य कर रही है। भविष्य में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) और मशीन लर्निंग (एमएल) जैसी उन्नत तकनीकों के उपयोग से जेम की खरीद प्रक्रिया को और अधिक स्मार्ट, डेटा-आधारित और पारदर्शी बनाया जाएगा।

झारखंड में जेम के माध्यम से डिजिटल सार्वजनिक खरीद लगातार मजबूत हो रही है। राज्य में अब तक जेम पर लगभग 7,900 करोड़ रुपये की ऑर्डर वैल्यू के साथ 1.5 लाख से अधिक ऑर्डर्स पूरे किए जा चुके हैं। बीते तीन वर्षों में झारखंड, ऑर्डर वैल्यू के आधार पर देश के शीर्ष 10 राज्यों में शामिल रहा है, जो राज्य में पारदर्शी और तकनीक-सक्षम खरीद व्यवस्था के प्रति बढ़ते भरोसे को दर्शाता है।

जेम प्लेटफॉर्म ने झारखंड के विक्रेताओं को राज्य से बाहर भी व्यापक व्यावसायिक अवसर प्रदान किए हैं। आंकड़ों के अनुसार, झारखंड के विक्रेताओं को राज्य के खरीदारों से 3,172 करोड़ रुपये, अन्य राज्यों से 704 करोड़ रुपये तथा केंद्रीय मंत्रालयों और सीपीएसई से 42,532 करोड़ रुपये के ऑर्डर प्राप्त हुए हैं। इस प्रकार जेम के माध्यम से झारखंड के विक्रेताओं द्वारा कुल 46,407 करोड़ रुपये का कारोबार किया गया है, जिसमें सूक्ष्म एवं लघु उद्यमों का योगदान 26,569 करोड़ रुपये रहा है।

कार्यक्रम के दौरान जेम पर सर्वाधिक खरीद करने वाले झारखंड के विभागों और उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विक्रेताओं को सम्मानित किया गया। यह सम्मान केवल खरीद के आंकड़ों के लिए नहीं, बल्कि पारदर्शी प्रक्रिया, गुणवत्ता और प्रभावी कार्य-निष्पादन की पहचान के रूप में प्रदान किया गया।

खरीदार श्रेणी में जीएमवी (सकल व्यापारिक मूल्य) के उत्कृष्ट प्रदर्शन हेतु स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा एवं परिवार कल्याण विभाग को सिल्वर, आईटी विभाग को गोल्ड तथा खाद्य, सार्वजनिक वितरण एवं उपभोक्ता मामले विभाग को प्लैटिनम पुरस्कार प्रदान किया गया। सेवा खरीद में उल्लेखनीय उपलब्धि के लिए आईटी विभाग को प्लैटिनम तथा झारखंड आधारित एमएसएमई से अधिक खरीद के लिए खाद्य, सार्वजनिक वितरण एवं उपभोक्ता मामले विभाग को भी प्लैटिनम सम्मान मिला।

विक्रेता श्रेणी में सेवा क्षेत्र की महिला उद्यमी के अंतर्गत रविन्द्र एंटरप्राइज़ेज़ को प्लैटिनम पुरस्कार दिया गया। सेवा श्रेणी—सूक्ष्म एवं लघु उद्यम में नूरावी इम्पोर्ट्स एंड एक्सपोर्ट्स प्रा. लि. तथा स्टार्टअप श्रेणी में निलयनारायण पॉलीकेम एलएलपी को प्लैटिनम पुरस्कार से सम्मानित किया गया।

उद्घाटन सत्र के बाद झारखंड सरकार के खरीदारों के लिए विशेष सत्र आयोजित किए गए, जिनमें वस्तुओं और सेवाओं की खरीद से जुड़े नए फीचर्स और प्रक्रियाओं की जानकारी सरल भाषा में दी गई। वहीं, विक्रेताओं के लिए ‘जेम सेलर संवाद’ सत्र आयोजित हुआ, जिसमें सरकारी खरीद में सहभागिता बढ़ाने, प्रक्रियाओं को समझने और प्रश्न-उत्तर के माध्यम से समाधान प्राप्त करने का अवसर मिला।

इस अवसर पर ए. बी. चव्हाण, अपर मुख्य कार्यकारी अधिकारी, जेम ने विक्रेताओं को संबोधित करते हुए जेम प्लेटफॉर्म पर बेहतर सहभागिता के लिए आवश्यक मार्गदर्शन दिया।

कार्यक्रम का समापन इस संदेश के साथ हुआ कि जेम झारखंड में सार्वजनिक खरीद को और अधिक प्रभावी बनाने, उपयोगकर्ताओं को बेहतर अनुभव देने तथा राज्य के विक्रेताओं को पैन-इंडिया अवसरों से जोड़ने के लिए निरंतर प्रतिबद्ध है।