रांची, 19 जनवरी।रांची से लापता अंश और अंशिका के बाद राज्य के विभिन्न इलाकों से 12 अपहृत बच्चों तथा सोमवार को सिलदिरी, शंकरघाट से कन्हैया कुमार की सकुशल बरामदगी को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने अपने जनआंदोलन और निरंतर दबाव का परिणाम बताया है। झारखंड भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष एवं सांसद आदित्य साहू ने कहा कि भाजपा के संघर्ष और आंदोलन के कारण कई माताओं की गोद सूनी होने से बची है, हालांकि राज्य में अब भी सैकड़ों अपहृत बच्चों की बरामदगी बाकी है।
सोमवार को जारी प्रेस वक्तव्य में आदित्य साहू ने झारखंड पुलिस को हालिया सफल कार्रवाई के लिए बधाई दी, लेकिन साथ ही पुलिस की पूर्व भूमिका पर सवाल भी उठाए। उन्होंने कहा कि पुलिस का धर्म जनता का सहारा बनना तथा गरीब और असहाय वर्गों की सहायता करना है, लेकिन जिस प्रकार महीनों से राज्य में बच्चा अपहरण गिरोह सक्रिय रहे और सैकड़ों बच्चों का अपहरण हुआ, उससे स्पष्ट होता है कि पहले पुलिस की सक्रियता अपेक्षित स्तर पर नहीं थी।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि अब तक जिन बच्चों के अपहरण की घटनाएं सामने आई हैं, उनमें अधिकांश बच्चे गरीब और निर्धन परिवारों से हैं। ऐसे परिवार सामाजिक और आर्थिक मजबूरियों के कारण कई बार पुलिस में शिकायत तक दर्ज नहीं करा पाते। परिजन कुछ दिनों तक रो-बिलखकर स्वयं को समझा लेते हैं और उम्मीद में रहते हैं कि बच्चा लौट आएगा। उन्होंने कहा कि झारखंड पुलिस को राज्य की जनता की भावनाओं और सामाजिक परिस्थितियों को समझते हुए विशेष रूप से गांवों के सीधे-साधे लोगों के प्रति अधिक संवेदनशील होने की आवश्यकता है।
आदित्य साहू ने कहा कि जिन माता-पिता के बच्चे लापता हो जाते हैं, वे लंबे समय तक गहरे मानसिक दबाव और पीड़ा में रहते हैं। ऐसे परिवारों को केवल कानूनी सहायता ही नहीं, बल्कि मानवीय संवेदना, चिकित्सकीय सहयोग और आर्थिक मदद की भी आवश्यकता होती है। उन्होंने मांग की कि पकड़े गए बच्चा अपहरण गिरोहों से कड़ाई से पूछताछ की जाए और उनके खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई हो, ताकि पूरे नेटवर्क का खुलासा हो सके और राज्य के सभी अपहृत बच्चों का पता लगाया जा सके।
उन्होंने प्रशासन और राज्य पुलिस से इस अभियान को लगातार और व्यापक स्तर पर जारी रखने का आग्रह करते हुए जमशेदपुर से अपहृत व्यवसायी पुत्र कैरव गांधी तथा तिलैया से अपहृत बच्चे की भी शीघ्र बरामदगी की मांग की।
साहू ने यह भी कहा कि राज्य सरकार को अपहृत बच्चों की पढ़ाई-लिखाई, उनके परिजनों की स्वास्थ्य जांच और आवश्यक आर्थिक सहायता की जिम्मेदारी लेनी चाहिए। अंत में उन्होंने भाजपा कार्यकर्ताओं का आभार व्यक्त किया, जिनके निरंतर आंदोलन और प्रयासों के चलते अपहृत बच्चों की बरामदगी संभव हो सकी।
