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कोलकाता, 24 सितम्बर । बैंकशाल अदालत ने बुधवार को तृणमूल कांग्रेस विधायक और राज्य के पूर्व मंत्री जाकिर हुसैन पर हुए बम हमले के मामले में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) द्वारा गिरफ्तार किए गए तीनों आरोपितों को बरी कर दिया। अदालत ने सबूतों के अभाव में यह फैसला सुनाया।

फरवरी, 2021 में मुर्शिदाबाद जिले के निमतिता रेलवे स्टेशन पर जाकिर हुसैन और उनके समर्थकों पर देसी बम से हमला किया गया था। उस समय वे मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की कोलकाता में होने वाली कार्यकर्ताओं की बैठक में शामिल होने के लिए ट्रेन पकड़ने जा रहे थे। हमले में हुसैन गंभीर रूप से घायल हुए थे और कई दिनों तक एसएसकेएम अस्पताल में भर्ती रहे थे।

प्रारंभिक जांच राज्य सीआईडी ने की थी, लेकिन बाद में केंद्र सरकार के आदेश पर एनआईए ने मामले की जांच अपने हाथ में ले ली। जांच एजेंसी ने इशा खान, अबू समद और सईदुल इस्लाम नामक तीन आरोपितों को गिरफ्तार कर चार्जशीट दाखिल की थी।

बुधवार काे सुनवाई के दाैरान अदालत ने पाया कि एनआईए आरोपितों के खिलाफ ठोस सबूत पेश करने में विफल रही। न तो किसी आरोपित की पहचान कराई जा सकी और न ही उनके पास से कोई विस्फोटक बरामद हुआ। इतना ही नहीं, अदालत ने यह भी सवाल उठाया कि घटना के वक्त मौजूद जाकिर हुसैन की सुरक्षा में तैनात 12 सुरक्षाकर्मियों में से एक भी क्यों घायल नहीं हुआ। इन्हीं आधार पर अदालत ने तीनों आरोपितों को बरी करने का आदेश दिया।