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पश्चिमी सिंहभूम, 05 नवंबर । एचआईवी/एड्स की रोकथाम के लिए लोगों के बीच सही जानकारी पहुंचाने के साथ संक्रमित व्यक्तियों के प्रति सामाजिक संवेदनशीलता और सम्मान का भाव जरूरी है। जागरूकता के अभाव में एचआईवी से जुड़ी गलत धारणाएं और भेदभाव की स्थिति पैदा होती है। यह बातें गुरुवार को महिला कॉलेज चाईबासा में आयोजित एचआईवी/एड्स जागरूकता कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के तौर पर विकास मिश्रा ने कही।

विकास मिश्रा नेकहा कि एचआईवी/एड्स को लेकर समाज में जागरूकता बढ़ाने की जरूरत है। संक्रमित व्यक्ति के साथ भेदभाव करने के बजाय उसके प्रति सम्मान और सहयोग का व्यवहार किया जाना चाहिए। सही जानकारी के माध्यम से संक्रमण से बचाव के उपायों को प्रभावी तरीके से लोगों तक पहुंचाया जा सकता है।

यह कार्यक्रम राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) इकाई की ओर से उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग के निर्देश पर 27 अक्टूबर से 12 नवंबर 2026 तक विशेष जागरूकता अभियान के तहत छात्राओं के बीच परिचर्चा कार्यक्रम आयोजित किया गया।

महाविद्यालय की प्राचार्या डॉ. अंजना खलखो ने एचआईवी संक्रमण के कारणों, संक्रमण के माध्यमों और बचाव के उपायों की जानकारी देते हुए छात्राओं से जागरूकता का संदेश समाज के अन्य लोगों तक पहुंचाने की अपील की। डॉ. राजीव लोचन नमता और डॉ. मोबारक करीम हाशमी ने जांच, उपचार और बचाव से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियां साझा कीं।

डॉ. अर्पित सुमन ने बताया कि इस बार विभाग के निर्देश पर अभियान को केवल विश्व एड्स दिवस तक सीमित नहीं रखा गया है, बल्कि 27 अक्टूबर से 12 नवंबर तक व्यापक स्तर पर चलाया जा रहा है। कार्यक्रम में एनएसएस स्वयंसेवकों ने छात्राओं और शिक्षकों को जागरूकता बैज लगाकर एचआईवी/एड्स के प्रति सजग रहने का संदेश दिया। सोशल मीडिया के माध्यम से भी जागरूकता फैलाने पर जोर दिया गया।