हाई कोर्ट की खंडपीठ ने राज्य सरकार की अपील पर दी राहत, दिसंबर 2026 में होगी अगली सुनवाई
रांची, 03 नवंबर । वेटरनरी डॉक्टरों को एलोपैथिक डॉक्टरों की तरह डायनेमिक एश्योर्ड करियर प्रोग्रेशन (डीएसीपी) का लाभ देने और उनकी सेवानिवृत्ति की उम्र 60 से बढ़ाकर 65 वर्ष करने संबंधी एकल पीठ के आदेश पर झारखंड उच्च न्यायालय ने रोक लगा दी है। मुख्य न्यायाधीश एमएस सोनक की अध्यक्षता वाली खंडपीठ ने राज्य सरकार की ओर से दायर अपील (एलपीए) पर सुनवाई करते हुए यह आदेश दिया। अदालत ने मामले की अगली सुनवाई दिसंबर 2026 में निर्धारित की है।
राज्य सरकार की ओर से महाधिवक्ता रोहित राय, अधिवक्ता अशोक यादव, विभोर मयंक और अभिजीत आनंद ने पक्ष रखा। सरकार ने एकल पीठ के आदेश को चुनौती देते हुए अपील में दलील दी है कि नीतिगत फैसले लेना सरकार के अधिकार क्षेत्र में आता है और इस मामले में न्यायालय सरकार की नीति निर्धारित नहीं कर सकता।
दरअसल, न्यायमूर्ति दीपक रोशन की एकल पीठ ने डॉ. मृत्युंजय कुमार एवं अन्य की याचिका पर 26 नवंबर 2024 को फैसला सुनाया था। अदालत ने वेटरनरी डॉक्टरों को भी एलोपैथिक डॉक्टरों की तरह डीएसीपी का लाभ देने और उनकी सेवानिवृत्ति की आयु 60 से बढ़ाकर 65 वर्ष करने का आदेश दिया था।
राज्य सरकार ने एकल पीठ के इस आदेश के खिलाफ उच्च न्यायालय में अपील दायर की थी। मंगलवार को खंडपीठ ने अपील पर सुनवाई करते हुए एकल पीठ के आदेश पर रोक लगा दी।
