सिलीगुड़ी, 12 अक्टूबर । नेपाल में प्राकृतिक आपदा के कारण जनजीवन और आर्थिक गतिविधियां प्रभावित होने का असर सिलीगुड़ी के मूर्तिकारों पर पड़ा है। हर साल पानीटंकी सीमा के रास्ते नेपाल भेजी जाने वाली 20 से अधिक दुर्गा प्रतिमाओं के लिए इस बार एक भी ऑर्डर नहीं मिला। इससे सिलीगुड़ी की कुम्हारटोली के मूर्तिकारों में मायूसी है।
दरअसल, हर साल दुर्गा पूजा से कई महीने पहले नेपाल के विभिन्न पूजा आयोजक सिलीगुड़ी पहुंचकर प्रतिमाओं की बुकिंग कराते थे। नेपाल में सिलीगुड़ी के कारीगरों द्वारा बनाई गई दुर्गा प्रतिमाओं की काफी मांग रहती थी। लेकिन हाल में भूस्खलन, भारी बारिश और बाढ़ के कारण वहां की स्थिति प्रभावित होने से कई पूजा समितियां इस बार बड़े स्तर पर आयोजन नहीं कर पा रही हैं। इसके चलते प्रतिमाओं के ऑर्डर नहीं मिले।
मूर्तिकार दीपक पाल के अनुसार, हर साल नेपाल से कम से कम 20 प्रतिमाओं के ऑर्डर मिलते थे, जिससे अच्छी आमदनी होती थी, लेकिन इस बार कोई ऑर्डर नहीं मिला। जिससे वह मायूस है।
वहीं, रतन पाल ने बताया कि कच्चे माल की कीमतों में बढ़ोतरी के बीच नेपाल के बाजार से होने वाली अतिरिक्त कमाई इस बार नहीं हो पाई है। ऑर्डर घटने और लागत बढ़ने से कारीगरों के लिए मजदूरी निकालना तक मुश्किल हो रहा है। नेपाल के बाजार में आई इस गिरावट से पूरे क्षेत्र के मिट्टी के मूर्ति उद्योग पर असर पड़ा है।
कुम्हारटोली में नेपाल भेजी जाने वाली प्रतिमाओं को लेकर कोई हलचल नहीं है।
