कोलकाता, 08 अक्टूबर ।
कोलकाता के पूर्व मेयर और माकपा के दिग्गज नेता विकास रंजन भट्टाचार्य के पुरबालोक स्थित आवास पर गुरुवार तड़के बदमाशों के एक समूह ने हमला कर दिया। आरोप है कि हमलावरों ने घर के बाहर लगे सीसीटीवी कैमरे तोड़ दिए और अंधाधुंध ईंट-पत्थर बरसाए। हालांकि हमले में घर में मौजूद किसी भी सदस्य को कोई चोट नहीं आई।
माकपा के पूर्व सांसद विकास रंजन भट्टाचार्य ने इस घटना को पूरी तरह से सुनियोजित साजिश करार दिया है। उन्होंने कहा, “गुंडे अपना चेहरा ढके हुए थे और उनकी मोटरसाइकिलों की नंबर प्लेट भी छिपी हुई थी। यह एक बेहद सुनियोजित हमला था। अगर ये लोग आतंकवादी नहीं हैं, तो फिर कौन हैं? इन आतंकवादियों को पता होना चाहिए कि वे मुझे डरा नहीं सकते। अब मैं अपनी सुरक्षा के लिए आग्नेयास्त्र (हथियार) के लाइसेंस के लिए आवेदन करूंगा।”
इस घटना को लेकर अब तक पुलिस में कोई औपचारिक शिकायत दर्ज नहीं कराई गई है। वहीं, विपक्षी दलों की ओर से भी फिलहाल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
राज्य में सत्ता परिवर्तन के बाद से ही वामपंथियों को निशाना बनाए जाने के आरोप लगते रहे हैं। विकास रंजन भट्टाचार्य अपने बयानों और कारनामों को लेकर दक्षिणपंथी संगठनों के निशाने पर रहे हैं। इसी साल जून महीने में कुछ लोगों ने उनके घर के सामने ‘सूअर उत्सव’ (पोर्क फेस्टिवल) मनाया था, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर काफी वायरल हुआ था। करीब दस साल पहले धर्मतल्ला में विकास भट्टाचार्य द्वारा गोमांस खाने के विरोध इस घटना को अंजाम दिया गया था।
हाल ही में वायरल हुए एक वीडियो में ‘जातिर कथा’ नामक गैर-राजनीतिक संगठन से जुड़े कुछ युवा उनके घर के सामने सूअर का मांस खाते दिखे थे। एक अन्य वीडियो में खुद को ब्राह्मण का बेटा बताने वाला एक युवक हाथ में टिफिन बॉक्स लिए विकास को सूअर का मांस खाने के लिए घर से बाहर बुलाता नजर आया था। युवक का तर्क था कि यदि धर्मनिरपेक्षता साबित करने के लिए गोमांस खाया जा सकता है, तो मुसलमानों के तुष्टीकरण से बचने के लिए सूअर का मांस क्यों नहीं खाया जा सकता।
हालांकि, गुरुवार सुबह पूर्व मेयर के घर पर हुए इस हिंसक हमले का इस पुराने विवाद से कोई सीधा संबंध है या नहीं, यह फिलहाल स्पष्ट नहीं हो सका है।
