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नई दिल्ली, 01 अक्टूबर । मुंबई जोन की प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की टीम महाराष्ट्र के यवतमाल जिले में नौ अलग-अलग ठिकानों पर तलाशी अभियान चला रही है। यह कार्रवाई धनशोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के तहत बाबाजी दाते महिला सहकारी बैंक से जुड़े कथित 242 करोड़ रुपये के घोटाले की जांच के तहत की जा रही है।

ईडी के अनुसार, मामला यवतमाल के अवधूतवाड़ी पुलिस थाने में बाबाजी दाते महिला सहकारी बैंक के अधिकारियों-कर्मचारियों और कर्जदारों के खिलाफ दर्ज कई एफआईआर पर आधारित है। बाबाजी दाते महिला सहकारी बैंक लिमिटेड, यवतमाल का पंजीकरण महाराष्ट्र सहकारी समिति अधिनियम, 1960 की धारा 9(1) के तहत किया गया था। भारतीय रिजर्व बैंक ने वर्ष 2022 में बैंक का लाइसेंस रद्द कर दिया था।

ईडी के मुताबिक, धोखाधड़ी और जमाकर्ताओं की राशि के कथित दुरुपयोग की कई शिकायतों के बाद महाराष्ट्र सरकार ने विशेष ऑडिट कराया था। ऑडिट में पाया गया कि बैंक के सीईओ, चेयरपर्सन/चेयरमैन, निदेशकों और अन्य अधिकारियों ने कर्जदारों, मूल्यांकनकर्ताओं और ऑडिटरों के साथ कथित मिलीभगत कर बिना पर्याप्त जमानत और कर्ज चुकाने की क्षमता का उचित आकलन किए ऋण वितरित किए।

जांच में यह भी सामने आया कि ऋण की राशि को बैंक के उपनियमों, ऋण नीति और आरबीआई के दिशा-निर्देशों के विपरीत दूसरे कामों में इस्तेमाल किया गया। ईडी के अनुसार, चेयरपर्सन और बैंक अधिकारियों ने ऋण लाभार्थियों के साथ मिलीभगत कर 242 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी की।

ईडी की जांच में बैंक अधिकारियों और कर्जदारों के बीच कथित व्यापक गठजोड़ का भी पता चला है। एजेंसी के अनुसार, कर्जदारों ने ली गई राशि का निजी इस्तेमाल किया, नकद निकासी की, पुराने ऋणों को बनाए रखने के लिए धन का इस्तेमाल किया और बैंक अधिकारियों के खातों में कथित तौर पर कमीशन के रूप में रकम पहुंचाई।

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