कोलकाता, 24 सितंबर । भाजपा नेता दिलीप घोष गुरुवार सुबह इको पार्क में प्रातःभ्रमण के लिए पहुंचे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन के अवसर पर भी इको पार्क में प्रातःभ्रमण के दौरान उन्हें दीपक वितरित करते देखा गया था। गुरुवार सुबह उन्होंने इको पार्क में कमल के फूल की छाप वाले बल्ब वितरित किए। दुर्गापूजा के दौरान लोगों के घरों में कमल के फूल की छाप वाले बल्ब जलाने के उद्देश्य से उन्होंने ये बल्ब बांटे। इस दौरान दिलीप घोष ने पत्रकारों के कई सवालों के जवाब भी दिए।
राज्य में औद्योगीकरण को लेकर मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के साथ उद्योगपतियों की बैठक पर दिलीप घोष ने कहा कि गौतम अडानी पहले भी पश्चिम बंगाल आ चुके हैं। बंगाल वैश्विक व्यापार सम्मेलन में भी शामिल होते रहे हैं, लेकिन राज्य में निवेश नहीं किया। उनका दावा है कि पिछली सरकार के प्रति उद्योगपतियों में भरोसा नहीं था। उन्होंने अडानी के खिलाफ एक ओर आंदोलन करने और दूसरी ओर उन्हें ही राज्य में बुलाने को लेकर भी सवाल उठाया।
दिलीप घोष ने कहा कि वर्तमान समय में देश के बड़े उद्योगपति बंगाल में निवेश करने के इच्छुक हैं। सरकार की ओर से उन्हें जमीन सहित विभिन्न सुविधाएं उपलब्ध कराने की बात कही जा रही है। उद्योगपति और उनके प्रतिनिधि राज्य में आ रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि आने वाले दिनों में और भी कई उद्योगपति बंगाल आएंगे और राज्य में उद्योग स्थापित करेंगे।
पूर्व मुख्यमंत्री बुद्धदेव भट्टाचार्य को लेकर भी दिलीप घोष ने टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि बुद्धदेव भट्टाचार्य उद्योग लाना चाहते थे, लेकिन तत्कालीन पार्टी की नीतियों के साथ उनके रुख का टकराव था। उद्योग के लिए ली गई जमीन का निर्धारित समय में इस्तेमाल नहीं होने पर उसे वापस लेने के राज्य सरकार के फैसले पर भी उन्होंने प्रतिक्रिया दी। उनकी जानकारी के अनुसार, निर्धारित समय में उद्योग स्थापित नहीं होने पर जमीन वापस लेने के लिए नोटिस दिया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि भविष्य में उद्योग के लिए जमीन लेने वाले उद्योगपतियों को तीन साल के भीतर उद्योग स्थापित करना होगा।
सरकारी कर्मचारियों के बकाया महंगाई भत्ते को लेकर उन्होंने कहा कि केवल तृणमूल कांग्रेस सरकार के कार्यकाल का ही नहीं, बल्कि वाम मोर्चा सरकार के समय का बकाया महंगाई भत्ता भी दिया जाना चाहिए। दिलीप घोष ने कहा कि कर्मचारियों का बकाया उनका अधिकार है और सरकार के पास वह पैसा देने की क्षमता है। उनके मुताबिक मुख्यमंत्री ने इस विषय पर आश्वासन दिया है और उसी के अनुसार काम भी शुरू हुआ है। उन्होंने उम्मीद जताई कि पूजा से पहले बकाया महंगाई भत्ते का भुगतान हो सकता है।
निर्वाचन आयोग और मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार को लेकर विपक्ष के आंदोलन के सवाल पर दिलीप घोष ने कहा कि विपक्ष अपना काम कर रहा है और उन्हें इससे कोई आपत्ति नहीं है। उन्होंने दावा किया कि सरकार विकास कार्यों में व्यस्त है।
अधीर रंजन चौधरी की ओर से ज्ञानेश कुमार को लेकर की गई टिप्पणी पर दिलीप घोष ने कहा कि अतीत में हमेशा स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव हुए हैं या नहीं, इस पर सवाल है। उनका दावा है कि वर्तमान समय में चुनाव होने पर विपक्ष को परेशानी होती है। उन्होंने आरोप लगाया कि कभी इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन, कभी मतपत्र, कभी अधिकारियों और कभी निर्वाचन आयोग को जिम्मेदार ठहराकर विपक्ष अपनी विफलता छिपाने की कोशिश करता है।
