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पिशिन, 15 सितंबर । पाकिस्तान के बलूचिस्तान प्रांत के पिशिन जिले के सरानन इलाके में सुरक्षा बलों ने खुफिया जानकारी के आधार पर कार्रवाई करते हुए छह आतंकवादियों को मार गिराने का दावा किया है। अधिकारियों के अनुसार, मारे गए आतंकवादी नागरिकों पर हमलों और इलाके में हिंसक गतिविधियों में शामिल प्रतिबंधित बलूच आतंकवादी नेटवर्क से जुड़े थे।

बलूचिस्तान की ऑनलाइन समाचार नेटवर्क की बलूचिस्तान पल्स

के मुताबिक, यह कार्रवाई 24 अगस्त को सरानन इलाके में एक निर्माणाधीन सड़क पर काम कर रहे मजदूरों पर हुए हमले के बाद की गई। पुलिस के मुताबिक, शुरुआती हमले में चार मजदूरों की मौत हुई थी। वहीं, गोलीबारी की एक अलग घटना में घायल एक अन्य मजदूर की बाद में मौत हो गई, जिससे मृतकों की संख्या बढ़कर छह हो गई।

सुरक्षा अधिकारियों के अनुसार, खुफिया जानकारी से सरानन क्षेत्र में आतंकवादियों की मौजूदगी और उनकी गतिविधियों का पता चला था। इनपुट के आधार पर सुरक्षा बलों ने इलाके में अभियान शुरू किया। कार्रवाई के दौरान सुरक्षाकर्मियों और आतंकवादियों के बीच मुठभेड़ हुई, जिसमें छह आतंकवादी मारे गए।

अधिकारियों का कहना है कि मारे गए आतंकवादी कथित तौर पर नागरिकों को निशाना बनाने और क्षेत्र में हिंसा की अन्य घटनाओं में शामिल थे। हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है।

पिशिन और आसपास के इलाकों में हाल के दिनों में आतंकवादी गतिविधियों को लेकर सुरक्षा एजेंसियों की चिंता बढ़ी है। सरानन में मजदूरों पर हमले के अलावा सरकारी प्रतिष्ठानों और सुरक्षा बलों को निशाना बनाने वाली घटनाएं भी सामने आती रही हैं।

बीते 20 अगस्त को प्रतिबंधित बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी (बीएलए) ने सरानन के कुछ हिस्सों पर कब्जे और सरकारी इमारतों पर नियंत्रण का दावा किया था। हालांकि, इस दावे की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है और इसे फिलहाल केवल संगठन का दावा माना जा रहा है।

सुरक्षा बल बलूचिस्तान में आतंकवाद-विरोधी अभियान के तहत खुफिया जानकारी पर आधारित कार्रवाई कर रहे हैं। चगाई, मस्तुंग, खारान, वाशुक और अन्य जिलों में भी हाल के अभियानों में कथित उग्रवादी नेटवर्क को निशाना बनाया गया है।

पिशिन की कार्रवाई इसलिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है क्योंकि यह आम मजदूरों पर हुए हमले के बाद की गई। अधिकारियों का कहना है कि आतंकवादी हिंसा अब केवल सुरक्षा प्रतिष्ठानों तक सीमित नहीं है, बल्कि आम नागरिकों और क्षेत्र में जारी आर्थिक गतिविधियों के लिए भी गंभीर खतरा बनी हुई है।

सुरक्षा अधिकारियों के मुताबिक, आतंकवादी संगठनों को स्थानीय स्तर पर पैर जमाने और नागरिकों को निशाना बनाने से रोकने के लिए खुफिया जानकारी के आधार पर ऐसे अभियान आगे भी जारी रहेंगे।