कोलकाता, 8 सितंबर । तृणमूल कांग्रेस के राज्यसभा सांसद नदिमुल हक के घर और कार्यालयों में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की करीब 24 घंटे तक चली तलाशी मंगलवार को समाप्त हुई। सोमवार सुबह शुरू हुई तलाशी और पूछताछ के बाद ईडी के अधिकारी मंगलवार को उनके परिसरों से बाहर निकले। जांच एजेंसी के सूत्रों के मुताबिक, अवैध वित्तीय लेनदेन की जांच के दौरान करीब 60 करोड़ रुपये के लेनदेन में गड़बड़ी सामने आई है। जांच एजेंसी इस रकम के लेनदेन में हवाला के इस्तेमाल की आशंका समेत कई पहलुओं की जांच कर रही है।
नदिमुल हक का पार्क सर्कस इलाके में एक उर्दू समाचार पत्र का कार्यालय है। आरोप है कि इस कार्यालय की आड़ में अवैध वित्तीय लेनदेन किया गया। यह भी आरोप लगाया गया था कि कालीघाट तृणमूल के खाते से नियमों के विपरीत धन का लेनदेन नदिमुल हक के कार्यालय के माध्यम से किया गया। इस संबंध में पिछले महीने विधाननगर थाने में शिकायत दर्ज कराई गई थी।
इसी शिकायत की जांच के तहत ईडी ने सोमवार सुबह नदिमुल हक के कोलकाता स्थित घर और कार्यालय के अलावा दिल्ली तथा रांची स्थित परिसरों समेत कुल सात ठिकानों पर छापेमारी शुरू की थी। उस समय नदिमुल हक रांची में थे। ईडी अधिकारी उन्हें सोमवार रात कोलकाता लेकर आए और इसके बाद उन्हें साथ लेकर उनके घर और कार्यालय में तलाशी अभियान चलाया गया।
जांच एजेंसी के सूत्रों के अनुसार, तलाशी के दौरान बैंक लेनदेन से जुड़े दस्तावेजों के साथ कई डिजिटल दस्तावेजों की भी जांच की गई। ईडी का दावा है कि करीब 60 करोड़ रुपये के लेनदेन के संबंध में संतोषजनक दस्तावेजी प्रमाण नहीं मिले हैं। इस रकम को लेकर नदिमुल हक से भी पूछताछ की गई। सूत्रों के मुताबिक, पूछताछ के दौरान वह इन लेनदेन से जुड़े कुछ सवालों का संतोषजनक जवाब नहीं दे सके।
इसके बाद जांच एजेंसी की निगाह 60 करोड़ रुपये के संदिग्ध लेनदेन पर टिक गई है। ईडी यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि रकम किन-किन खातों में पहुंची और क्या इसके लिए हवाला नेटवर्क का इस्तेमाल किया गया था। मामले में वित्तीय लेनदेन से जुड़े अन्य लोगों और संस्थाओं की भूमिका की भी जांच की जा रही है।
हालांकि, तृणमूल कांग्रेस ने ईडी की कार्रवाई को राजनीतिक प्रतिशोध करार दिया है। पार्टी की ओर से कहा गया कि करीब 24 घंटे की तलाशी के बावजूद ईडी को कुछ खास नहीं मिला। पार्टी के मुताबिक, जांच एजेंसी ने एक पुराना फोन और टैब जब्त किया है, जिसमें पार्टी के चुनाव से संबंधित जानकारी है। तृणमूल ने आरोप लगाया कि पूरी कार्रवाई राजनीतिक प्रतिशोध से प्रेरित है।
