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नई दिल्ली, 08 सितंबर। राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग (एनसीएससी) ने संगरूर जिले के निवासी गुलजार सिंह की मृत्यु से जुड़े मामले में पंजाब सरकार को नोटिस जारी किया है। गुलजार सिंह ने पंजाब में नशीले पदार्थों की समस्या को लेकर पंजाब सरकार के वित्त मंत्री के समक्ष सवाल उठाया था। मृत्यु से पूर्व सोशल मीडिया पर जारी वीडियो में उन्होंने मंत्री जी के डर के कारण जहर खाने का दावा किया था तथा गांव की पंचायत के कुछ लोगों के खिलाफ भी गंभीर आरोप लगाए थे।

भारत के संविधान के अनुच्छेद 338 के अंतर्गत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए आयोग ने इस मामले की जांच करने का निर्णय लिया है। इस संबंध में पंजाब सरकार के मुख्य सचिव और डीजीपी को नोटिस जारी किया गया है, जिसमें उन्हें मामले के तथ्यों, आरोपों पर की गई कार्रवाई नोटिस प्राप्ति के पांच दिनों के भीतर आयोग को प्रस्तुत करने का निर्देश दिया गया है।

आयोग ने यह कार्रवाई भाजपा एससी मोर्चा, पंजाब के राज्य अध्यक्ष शीतल अंगुराल(पूर्व विधायक) द्वारा दायर शिकायत पर की गई है।

आयोग के अध्यक्ष किशोर मकवाना ने इस मामले को बेहद गंभीर और संवेदनशील घटना बताया है। मंगलवार को मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा कि किसी व्यक्ति द्वारा अपनी मृत्यु से पहले वीडियो के माध्यम से किसी मंत्री एवं गांव की पंचायत के कुछ लोगों का नाम लेकर गंभीर आरोप लगाना अत्यंत संवेदनशील विषय है। इसलिए इस मामले की निष्पक्ष, स्वतंत्र एवं उच्चस्तरीय जांच आवश्यक है।

अध्यक्ष ने कहा है कि इस संबंध में पंजाब सरकार से विस्तृत रिपोर्ट मांगी गई है। साथ ही, उन्होंने यह भी घोषणा की कि वे स्वयं 10 सितंबर 2026 को संगरूर में स्पॉट विजिट करेंगे ताकि मामले की गहन जांच सुनिश्चित की जा सके तथा आरोपों की सत्यता का पता लगाया जा सके। आयोग इस मामले में पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने तथा अनुसूचित जाति के सदस्यों के अधिकारों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है।