ganga mission harit abhiyan 01

पर्यावरण संरक्षण और पारिस्थितिक संतुलन के लिए वर्षभर चला गंगा हरित अभियान

कोलकाता, 7 सितंबर। जल, जंगल और जमीन के संरक्षण का संदेश जन-जन तक पहुंचाने के उद्देश्य से गंगा मिशन की ओर से वर्ष 2026 में गंगा हरित अभियान चलाया गया। अभियान के तहत गंगा के तटीय क्षेत्रों के साथ-साथ पश्चिम बंगाल, ओडिशा और विभिन्न स्थानों पर बड़े पैमाने पर पौधरोपण किया गया। वर्षभर चले इस अभियान के दौरान विभिन्न क्षेत्रों में अब तक कुल 1,01,082 पौधों का रोपण किया गया।

गंगा मिशन के अनुसार, पौधरोपण अभियान का उद्देश्य केवल अधिक से अधिक पौधे लगाना नहीं, बल्कि समाज में प्रकृति और पर्यावरण के प्रति जिम्मेदारी की भावना विकसित करना है। जल, जंगल और जमीन किसी भी सभ्य समाज के अस्तित्व के मूल आधार हैं। इनका संरक्षण आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित और संतुलित भविष्य के लिए आवश्यक है।

अभियान की शुरुआत 4 जून 2026 को भद्रेश्वर नगरपालिका क्षेत्र में 3,000 पौधों के रोपण के साथ हुई। इसके बाद पालाश, खन्यान, मंगलम फाउंडेशन एवं पूर्व बारासात बॉयज स्कूल, सबुज साथी, झाड़ग्राम, केशियारी, रायगंज, गंगासागर, बांसबेरिया, श्रीरामपुर, चुंचुड़ा, खानाकुल, बीएसएफ रायगंज, देबरा बाजार, बारासात, जोका, जयरामबाटी, बसंती, सुंदरगढ़ (झारखंड), साहेबगंज, बेहाला, बर्दवान, हिंदमोटर, मोगरा पंचायत, भागलपुर, आमता (हावड़ा), भारत सेवाश्रम, बजबज तथा पूर्व बारासात उच्च विद्यालय सहित अनेक क्षेत्रों में पौधरोपण कार्यक्रम आयोजित किए गए।

अभियान के दौरान 28 अगस्त को बारासात के मां शारदा रोड पर देव आबास द्वारा आयोजित रक्षा बंधन उत्सव में भी पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया गया। इस अवसर पर 1,111 पौधे लगाए गए। रक्षा बंधन के पर्व को प्रकृति से जोड़ते हुए पौधों को संरक्षित करने और उनके पालन-पोषण का संकल्प भी अभियान की भावना को मजबूत करता है।

गंगा मिशन के राष्ट्रीय महासचिव प्रह्लाद गोयनका ने कहा कि आज पर्यावरणीय चुनौतियां केवल किसी एक क्षेत्र या समुदाय की समस्या नहीं हैं। जलस्रोतों का संरक्षण, हरित क्षेत्र का विस्तार, मिट्टी की उर्वरता बनाए रखना और जैव विविधता की रक्षा सामूहिक जिम्मेदारी है। पेड़ वर्षा चक्र को संतुलित करने, मिट्टी के कटाव को रोकने, वायु गुणवत्ता सुधारने और अनेक जीव-जंतुओं को प्राकृतिक आवास उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

गंगा हरित अभियान इसी व्यापक सोच के साथ लोगों को पौधरोपण के साथ-साथ पौधों के संरक्षण और संवर्धन के लिए भी प्रेरित कर रहा है। मिशन का संदेश है कि एक पौधा लगाना प्रकृति के प्रति जिम्मेदारी की शुरुआत है, जबकि उसे पेड़ बनने तक संरक्षित करना उस जिम्मेदारी को पूरा करने की दिशा में वास्तविक कदम है।

एक वर्ष में एक लाख से अधिक पौधों का रोपण इस अभियान की व्यापकता को दर्शाता है। गंगा मिशन ने जल, जंगल और जमीन के संरक्षण को जनअभियान का रूप देने तथा अधिक से अधिक लोगों को पर्यावरण संरक्षण से जोड़ने का संकल्प दोहराया है। अभियान का मूल संदेश स्पष्ट है—प्रकृति सुरक्षित रहेगी, तभी मानव जीवन और आने वाली पीढ़ियों का भविष्य सुरक्षित रहेगा।