
सोनम वांगचुक ने दी बधाई
रांची, 18 अगस्त । झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के जेएसएससी-सीजीएल की परीक्षा रद्द करने का फैसले से आंदोलनकारी छात्रों में जश्न का माहौल है। मुख्यमंत्री की घोषणा के बाद स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी और मंत्री दीपिका पांडे सिंह सोमवार देर रात सदर अस्पताल पहुंचे और छात्र नेता देवेंद्र महतो को जूस पिलाकर अनशन खत्म कराया।
यह खबर फैलते ही सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने देररात झारखंड के छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो से वीडियो कॉल कर बातचीत की और उन्हें बधाई दी। उन्होंने झारखंड के छात्रों की मेहनत और निष्ठा की सराहना करते हुए सभी सफल छात्रों को शुभकामनाएं दीं।
इस दौरान झारखंड सरकार और मुख्यमंत्री की भूमिका की भी सराहना की गई। बातचीत में इस बात पर जोर दिया गया कि सरकार और जनता मिलकर आगे भी काम करे और जहां भी कमियां या समस्याएं सामने आएं, उन्हें मिलकर दूर किया जाए। वांगचुक ने छात्रों की उपलब्धि को सकारात्मक कदम बताते हुए उन्हें आगे भी इसी तरह मेहनत और एकजुटता के साथ आगे बढ़ने की शुभकामनाएं दीं।
अनशन खत्म करने के बाद देवेंद्र महतो अस्पताल से सीधे अपने घर चले गए। साथ ही हबीबा और राहुल का भी अनशन समाप्त कराया गया।
भूख हड़ताल तोड़ने के बाद देवेंद्र महतो ने मीडिया से बात करते हुए कहा, “आज, हमारी भूख हड़ताल के 16वें दिन, हमने सम्मानजनक तरीके से अपना अनशन खत्म किया। झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी, मंत्री दीपिका पांडे और हमारे विधायक जयराम महतो की संयुक्त पहल से हमने अपनी भूख हड़ताल खत्म करने का फैसला किया। जिन मांगों के लिए हम संवैधानिक और शांतिपूर्ण तरीके से विरोध कर रहे थे, वे सभी पूरी हो गई हैं।”
प्रदर्शनकारी हबीबा ने सरकार की सराहना करते हुए कहा, “हमारी सरकार ने साबित कर दिया है कि यह आदिवासियों, मूलवासियों और सदनों की सरकार है और यह उनके हितों के बारे में सोचती है। आज हमें यह एहसास हुआ है। उन्होंने साबित कर दिया है कि अगर हेमंत हैं, तो हिम्मत है।”
जेपीएससी-जेएसएससी रिफॉर्म्स मंच के प्रदर्शनकारियों ने परीक्षा रद्द करने के फैसले का स्वागत किया। उन्होंने कहा, “जेपीएससी-जेएसएससी रिफॉर्म्स मंच की ओर से, हम छात्रों के हित में यह ऐतिहासिक और साहसिक निर्णय लेने के लिए मुख्यमंत्री और झारखंड सरकार का तहे दिल से धन्यवाद करते हैं।”
वही, स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी ने कहा कि देवेंद्र महतो, हबीबा और राहुल ने स्वेच्छा से अपनी भूख हड़ताल खत्म करने का फैसला किया और हमने उन्हें जूस पिलाया जिसके बाद उनका अनशन समाप्त हो गया।”
इरफान अंसारी ने इस फैसले का श्रेय राहुल गांधी और मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को दिया। उन्होंने कहा, “यह मुख्यमंत्री का एक ऐतिहासिक निर्णय था। राहुल गांधी ने हमें निर्देश दिया और एक पत्र लिखा, जिसके बाद सरकार ने युवाओं की मांगों को स्वीकार कर लिया। राहुल गांधी का बहुत-बहुत धन्यवाद। उनकी कोशिशें रंग लाईं, जिसके बाद हमारे मुख्यमंत्री ने एक ऐतिहासिक निर्णय लिया।”
उन्होंने आगे कहा, “सीजीएल परीक्षा रद्द करने की मांग बहुत कठिन थी और आमतौर पर कोई भी सरकार ऐसी मांग को नहीं मानती। लेकिन मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने बहुत उदारता दिखाई।”
मंत्री दीपिका पांडे सिंह ने कहा, “झारखंड में छात्रों का एक बहुत महत्वपूर्ण आंदोलन शुरू हुआ, जिसमें मुख्य रूप से सुधारों की मांग की गई थी। सरकार हमेशा इस मुद्दे के प्रति संवेदनशील रही है और मुख्यमंत्री छात्रों के आंदोलन पर बारीकी से नजर रखे हुए थे।”
दीपिका पांडे ने कहा कि राहुल गांधी ने भी लगातार छात्रों के हितों के समर्थन में बात की है। सरकार ने छात्रों की भावनाओं का सम्मान करते हुए परीक्षा रद्द करने का बड़ा फैसला लिया है।


















