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हैदराबाद, 26 जुलाई । तेलंगाना के महबूबनगर जिले के भारत राष्ट्र समिति(बीआरएस)के नेताओं ने रविवार को ‘चलो कर्नाटक’ कार्यक्रम की शुरुआत की, जिसके तहत कर्नाटक द्वारा बनाए गए कथित अवैध बैराजों को हटाने और कृष्णा बेसिन पर नई परियोजनाओं को तुरंत रोकने की मांग की गई है।

इसमें पूर्व मंत्रियों वी. श्रीनिवास गौड़ और सी. लक्ष्मा रेड्डी, पूर्व विधायकों चित्तम राम मोहन रेड्डी और आला वेंकटेश्वर रेड्डी, एमएलसी नवीन कुमार और पार्टी नेताओं इम्तियाज इशाक तथा वेंकटेश्वर रेड्डी के नेतृत्व में एक बड़ा काफिला कर्नाटक के लिए रवाना हुआ। इसमें बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता भी साथ थे।

कर्नाटक रवाना होने से पहले पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए पूर्व मंत्री लक्ष्मा रेड्डी ने कहा कि कर्नाटक और आंध्र प्रदेश की कृष्णा, तुंगभद्रा और भीमा नदियों के पानी को मोड़ रहे हैं, जिससे तेलंगाना के सिंचाई हित प्रभावित हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि विपक्ष के रूप में बीआरएस राज्य के जल अधिकारों की रक्षा के लिए अपनी लड़ाई जारी रखेगी।

उन्होंने कांग्रेस सरकार पर पालमुरु-रंगारेड्डी लिफ्ट सिंचाई योजना की उपेक्षा करने का आरोप लगाया और कहा कि सरकार ने बीआरएस द्वारा पदयात्रा की घोषणा करने के बाद ही इस परियोजना की समीक्षा की। उन्होंने सिंचाई सलाहकार आदिनाथ दास की नियुक्ति की भी आलोचना करते हुए आरोप लगाया कि आंध्र प्रदेश में काम करते समय उन्होंने तेलंगाना की सिंचाई परियोजनाओं का विरोध किया था।