जमशेदपुर/चाईबासा, 23 जुलाई। नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर पुलिस कार्रवाई तथा देशभर में सामने आए पेपर लीक मामलों के विरोध में गुरुवार को झारखंड के पूर्वी सिंहभूम और पश्चिमी सिंहभूम जिलों में कांग्रेस ने जोरदार प्रदर्शन किया। कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने उपायुक्त कार्यालयों के बाहर प्रदर्शन कर राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा तथा परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता, पेपर लीक मामलों की निष्पक्ष जांच और छात्रों पर दर्ज मामलों को वापस लेने की मांग की।
पूर्वी सिंहभूम (जमशेदपुर) में जिला कांग्रेस अध्यक्ष परविंदर सिंह के नेतृत्व में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने उपायुक्त कार्यालय के समक्ष प्रदर्शन करते हुए केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। कार्यकर्ताओं ने हाथों में तख्तियां और बैनर लेकर “प्रधानमंत्री होश में आओ”, “छात्रों पर अत्याचार बंद करो” और “पेपर लीक बंद करो” जैसे नारे लगाए। इसके बाद उपायुक्त के माध्यम से राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा गया।
ज्ञापन में कांग्रेस ने आरोप लगाया कि नीट सहित विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में लगातार सामने आ रहे पेपर लीक मामलों ने करोड़ों छात्रों के भविष्य को संकट में डाल दिया है। पार्टी ने यह भी कहा कि अपने अधिकारों और न्याय की मांग को लेकर शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर बल प्रयोग और लाठीचार्ज लोकतांत्रिक मूल्यों के विरुद्ध है। कांग्रेस ने मांग की कि सभी पेपर लीक मामलों की निष्पक्ष एवं समयबद्ध जांच कर दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाए, छात्रों पर हुई कथित पुलिस कार्रवाई की जांच कर जिम्मेदार अधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई हो तथा परीक्षा प्रबंधन में कथित चूक की नैतिक जिम्मेदारी तय करते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को पद से हटाया जाए। साथ ही केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से भी नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा लेने की मांग की गई।
प्रदर्शन में पूर्व जिला अध्यक्ष रविंद्र झा (नट्टू झा), आनंद बिहारी दुबे, विशेश्वर झा, आशुतोष सिंह, फिरोज खान, संजीव रंजन, रविंद्र मौर्य, तौसीफ खान, शफी अहमद, ब्रजेंद्र तिवारी, राजेश कुमार, अजय महतो, रंजीत बेहरा, सूरज मुंडा, अशोक सिंह, नवनीत मिश्रा, सीएम हक, बबलू किशोर प्रसाद, सुमय सिंह, निखिल तिवारी सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता शामिल हुए।

वहीं, पश्चिमी सिंहभूम (चाईबासा) में जिला कांग्रेस कमेटी ने उपायुक्त कार्यालय के समक्ष प्रदर्शन कर उपायुक्त मनीष कुमार के माध्यम से राष्ट्रपति को ज्ञापन भेजा। कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि सरकार छात्रों की समस्याओं का समाधान संवाद के बजाय दमनात्मक कार्रवाई से करना चाहती है, जबकि शांतिपूर्ण प्रदर्शन प्रत्येक नागरिक का संवैधानिक अधिकार है।
जिला कांग्रेस प्रभारी धर्मेंद्र सोनकर ने कहा कि लगातार सामने आ रहे पेपर लीक के मामलों ने लाखों युवाओं के भविष्य को प्रभावित किया है और वर्षों की मेहनत के बावजूद परीक्षाओं के विवादों में घिरने से अभ्यर्थी मानसिक तनाव का सामना कर रहे हैं। जिला अध्यक्ष रंजन बोयपाई ने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं में बार-बार हो रही अनियमितताओं से युवाओं का परीक्षा प्रणाली पर भरोसा कमजोर हुआ है। उन्होंने पेपर लीक मामलों की निष्पक्ष जांच, दोषियों पर कड़ी कानूनी कार्रवाई और छात्रों पर लाठीचार्ज के लिए जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की मांग दोहराई।
प्रदर्शन के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस बल की तैनाती की गई थी। मौके पर दंडाधिकारी उपेंद्र कुमार, मुफ्फसिल थाना प्रभारी विनोद कुमार सहित प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे। दोनों जिलों में कांग्रेस नेताओं ने कहा कि यदि छात्रों के हितों की अनदेखी जारी रही तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा।
