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पूर्वी सिंहभूम, 18 जुलाई । झारखंड के पूर्व मंत्री दुलाल भुईयां 19 जुलाई से राज्य के लातेहार, पलामू, गढ़वा और चतरा जिलों के दौरे पर निकलेंगे। इस दौरान वे भुईयां समाज की सामाजिक महापंचायतों में भाग लेकर जनजागरण अभियान चलाएंगे। उन्होंने कहा कि अभियान का उद्देश्य समाज को उसकी धार्मिक, सांस्कृतिक और पारंपरिक पहचान के प्रति जागरूक करना, सामाजिक एकता को मजबूत करना तथा संगठन को सशक्त बनाना है।

शनिवार को जारी एक बयान में दुलाल भुईयां ने आरोप लगाया कि कुछ ईसाई मिशनरी और धर्म प्रचारक गांव-गांव जाकर भोले-भाले ग्रामीणों को विभिन्न प्रकार के प्रलोभन, आर्थिक सहायता के आश्वासन और कथित झूठे वादों के माध्यम से धर्म परिवर्तन के लिए प्रेरित कर रहे हैं। उनका दावा है कि लोगों की आर्थिक और सामाजिक समस्याओं का समाधान कराने तथा अन्य लाभ दिलाने का भरोसा देकर उन्हें प्रभावित करने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि समाज के लोगों को ऐसे प्रलोभनों और भ्रामक प्रचार से सतर्क रहने की आवश्यकता है।

दुलाल भुईयां ने कहा कि भारतीय संविधान प्रत्येक नागरिक को अपनी इच्छा और आस्था के अनुसार किसी भी धर्म को मानने और उसका पालन करने का अधिकार देता है। यदि कोई व्यक्ति स्वेच्छा से किसी धर्म को अपनाता है तो यह उसका संवैधानिक अधिकार है, लेकिन यदि किसी को प्रलोभन, दबाव, भय, धोखे या झूठे वादों के आधार पर धर्म परिवर्तन के लिए प्रेरित किया जाता है, तो उसका विरोध किया जाएगा। उन्होंने समाज से अपनी सांस्कृतिक विरासत, पारंपरिक आस्था और धार्मिक पहचान की रक्षा के लिए संगठित रहने की अपील की।

पूर्व मंत्री ने बताया कि जनजागरण अभियान के तहत 19 जुलाई को लातेहार, 20 जुलाई को पलामू, 21 जुलाई को गढ़वा और 22 जुलाई को चतरा जिले में भुईयां समाज की सामाजिक महापंचायतों का आयोजन किया जाएगा। इन बैठकों में धर्मांतरण के मुद्दे के अलावा शिक्षा, सामाजिक संगठन, युवाओं की भागीदारी, समाज के समग्र विकास और सामाजिक एकता जैसे विषयों पर भी चर्चा की जाएगी।

उन्होंने कहा कि समाज के लोगों को शिक्षा के प्रति जागरूक होने, अपनी सांस्कृतिक परंपराओं के संरक्षण और सामाजिक संगठन को मजबूत बनाने की दिशा में सामूहिक प्रयास करने की आवश्यकता है। उन्होंने भुईयां समाज के लोगों से अधिक से अधिक संख्या में महापंचायतों में भाग लेकर समाज की एकजुटता और विकास में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया।