तीरंदाजी एकाग्रता, धैर्य, सटीकता और लक्ष्य के प्रति प्रतिबद्धता का खेल: राज्यपाल
रांची, 22 अक्टूबर । राजधानी रांची के खेलगांव स्थित मेगा स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में गुरुवार को 15वीं अखिल भारतीय पुलिस तीरंदाजी प्रतियोगिता 2026 का आगाज हुआ। मुख्य अतिथि राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने प्रतियोगिता का विधिवत उद्घाटन किया। कार्यक्रम की शुरुआत राष्ट्रगान के साथ हुई।
मौके पर राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने कहा कि तीरंदाजी एकाग्रता, धैर्य, सटीकता और लक्ष्य के प्रति प्रतिबद्धता का खेल है। पुलिस सेवा में भी ये गुण महत्वपूर्ण हैं। परिस्थितियों का सही आकलन, विवेकपूर्ण निर्णय और कर्तव्य के प्रति प्रतिबद्धता प्रभावी पुलिस व्यवस्था के आवश्यक आधार हैं। उन्होंने सभी खिलाड़ियों से पूरे समर्पण, अनुशासन और खेल भावना के साथ अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने का आह्वान किया।
राज्यपाल ने कहा कि झारखण्ड को तीरंदाजी की भूमि’ के रूप में जाना जाता है। राज्य के प्रतिभाशाली खिलाड़ियों ने राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी उपलब्धियों से झारखण्ड का गौरव बढ़ाया है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में देश में खेल संस्कृति को प्रोत्साहित करने तथा युवाओं को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने के अवसर उपलब्ध कराने पर विशेष बल दिया गया है। ‘खेलो इंडिया’ जैसी पहलों ने खेलों के प्रति जागरूकता बढ़ाने और नई प्रतिभाओं को आगे लाने में योगदान दिया है।
राज्यपाल ने कहा कि पुलिस बल देश की आंतरिक सुरक्षा व्यवस्था का मेरुदंड है। कानून-व्यवस्था बनाए रखना, अपराधों की रोकथाम करना तथा नागरिकों के जीवन और संपत्ति की रक्षा करना पुलिस के महत्वपूर्ण दायित्व हैं। उन्होंने कहा कि बदलते समय में अपराधों का स्वरूप भी तेजी से बदल रहा है। ऐसे में आधुनिक तकनीक, वैज्ञानिक पद्धतियों और नवीनतम साधनों का प्रभावी उपयोग आवश्यक है। उन्होंने कहा कि पुलिस की सफलता अपराध होने के बाद कार्रवाई करने के साथ-साथ अपराधों की रोकथाम और नागरिकों में सुरक्षा का विश्वास मजबूत करने में भी निहित है। उन्होंने साइबर अपराध और डिजिटल धोखाधड़ी के प्रति सतर्क करते हुए कहा कि ट्रैफिक चालान अथवा अन्य सूचनाओं के नाम पर मोबाइल पर भेजी जाने वाली संदिग्ध एपीके फाइलों के माध्यम से लोगों को ठगी का शिकार बनाया जा रहा है। उन्होंने नागरिकों से ऐसी फाइलें खोलने से बचने तथा संबंधित सूचनाओं की पुष्टि आधिकारिक माध्यमों से करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि साइबर अपराधों की रोकथाम के लिए पुलिस की तकनीकी दक्षता के साथ-साथ जन-जागरूकता भी आवश्यक है।
राज्यपाल ने कहा कि पुलिसकर्मियों के लिए शारीरिक रूप से सक्षम होने के साथ-साथ मानसिक दृढ़ता, अनुशासन, धैर्य और त्वरित निर्णय लेने की क्षमता भी आवश्यक है। नियमित खेल एवं व्यायाम शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाते हैं तथा कठिन परिस्थितियों में संयम एवं आत्मविश्वास बनाए रखने में सहायक होते हैं। उन्होंने कहा कि पुलिस और जनता के बीच विश्वास तथा सहयोग प्रभावी पुलिस व्यवस्था की आधारशिला हैं। नागरिकों की समस्याओं को संवेदनशीलता से सुनना और उन्हें सुरक्षा का भरोसा देना भी पुलिस के दायित्वों का महत्वपूर्ण हिस्सा है।
राज्यपाल ने कहा कि इस राष्ट्रीय प्रतियोगिता के आयोजन का दायित्व झारखण्ड पुलिस को सौंपा जाना राज्य के लिए गौरव का विषय है। अखिल भारतीय पुलिस तीरंदाजी प्रतियोगिता विभिन्न राज्यों और पुलिस बलों के खिलाड़ियों को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने, अनुभव साझा करने तथा एक-दूसरे से सीखने का अवसर प्रदान करती है। ऐसी प्रतियोगिताएँ स्वस्थ प्रतिस्पर्धा, आपसी सौहार्द और टीम भावना को सुदृढ़ करती हैं।
झारखंड की डीजीपी तदाशा मिश्रा ने सभी अतिथियों, पुलिस पदाधिकारियों और विभिन्न राज्यों व केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों से आए खिलाड़ियों का स्वागत किया। उन्होंने आयोजन समिति को भी बधाई दी।
डीजीपी ने कहा कि तीरंदाजी पुलिस बल की परंपरा में महत्वपूर्ण स्थान रखती है। यह खेल एकाग्रता, अनुशासन और लक्ष्य के प्रति समर्पण की सीख देता है, जिनका पुलिस सेवा में भी विशेष महत्व है। ऐसी प्रतियोगिताएं खेल भावना को प्रोत्साहित करने के साथ टीम भावना और आपसी सौहार्द को मजबूत बनाती हैं।
तदाशा मिश्रा ने कहा कि अगले पांच दिनों तक देशभर से आए खिलाड़ी अपनी प्रतिभा और कौशल का प्रदर्शन करेंगे। जीत और हार से बढ़कर खेल भावना, अनुशासन और उत्कृष्ट प्रदर्शन महत्वपूर्ण है। उन्होंने सभी खिलाड़ियों के उत्कृष्ट प्रदर्शन की कामना की।
झारखंड सशस्त्र पुलिस की एडीजी प्रिया दूबे ने राज्यपाल, गृह सचिव, वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों, विभिन्न राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों से आए प्रतिनिधियों, खिलाड़ियों का स्वागत किया।
उन्होंने बताया कि झारखंड इससे पहले वर्ष 2013 और 2016 में अखिल भारतीय पुलिस तीरंदाजी प्रतियोगिता की मेजबानी कर चुका है। इस प्रतियोगिता का मेजबानी इस बार झारखंड पुलिस कर रही हैं। यह प्रतियोगिता 22 अक्टूबर से 26 अक्टूबर तक चलेगी। इस प्रतियोगिता में देश के विभिन्न राज्यों के पुलिस संगठनों एवं केंद्रीय पुलिस संगठनों की कुल 29 टीमें भाग ले रही हैं, जिसमें कुल 432 खिलाड़ी अपनी प्रतिभा और तीरंदाजी कौशल का प्रदर्शन करेंगे। पूरी प्रतियोगिता के दौरान कुल 37 स्पर्धाएं आयोजित की जाएंगी।
उद्घाटन समारोह में एडीजी मनोज कौशिक, आईजी पंकज कंबोज, आईजी अजय लिंडा, आईजी मयूर पटेल, आईजी नरेंद्र कुमार सिंह, आईजी प्रभात कुमार, आईजी क्रांति कुमार गढ़देशी, आईजी अनूप बिरथरे, आईजी माइकल राज एस, आईजी शैलेंद्र सिन्हा और आईजी असीम विक्रांत मिंज, डीआईजी चंदन सिन्हा, रांची डीसी मंजूनाथ भजंत्री और एसएसपी राकेश रंजन सहित अन्य अधिकारी शामिल थे।
