रांची, 13 अक्टूबर । एचईसी श्रमिक संघ यूनियन की ओर से सोमवार को एचईसी कर्मचारियों की लंबित मांगों को लेकर एचईसी मुख्यालय के समक्ष एक दिवसीय धरना प्रदर्शन किया गया।
इस अवसर पर जुटे कर्मियों ने प्रबंधन के खिलाफ नारेबाजी की। इस अवसर पर यूनियन के अध्यक्ष शनि सिंह ने कर्मचारियों को संबोधित करते हुए प्रबंधन पर मनमानी करने और समस्याओं की अनदेखी करने का आरोप लगाया। शनि सिंह ने कहा कि कर्मचारियों का 32 महीने का वेतन बकाया है। एचईसी के पास राशि उपलब्ध होने के बावजूद कर्मचारियों का वेतन भुगतान नहीं किया जा रहा है जो गलत है। शनि ने कहा कि वेतन नहीं मिलने के कारण लोगों को आर्थिैक परेशानियों का सामना करना पड रहा है। ऐसे में यदि प्रबंधन कर्मियों की मांगों पर जल्द कार्रवाई नहीं करता है तो आंदोलन और तेज किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि एचईसी में उत्पादन पहले की तुलना में चार गुना बढ़ा है, जबकि कर्मचारियों की संख्या आधी रह गई है। इसके बावजूद वेतन भुगतान नहीं होना गंभीर चिंता का विषय है।
मौके पर अन्य कर्मचारियों ने कहा कि एचईसी में वर्ष 2018 बैच के कर्मचारियों की प्रोन्नति 2023 में होना था, लेकिन अब तक प्रक्रिया पूरी नहीं हुई है।
सप्लाई कर्मियों की पहले मिलने वाली सुविधाएं भी बंद कर दी गई हैं। कर्मचारियों को सीपीएफ लोन की सुविधा नहीं मिल रही है और प्लांट के अंदर कैंटीन भी बंद है।
यूनियन ने मांग की कि इस महीने तीन महीने का वेतन भुगतान करते हुए आगे प्रत्येक 30 दिनों में वेतन दिया जाए। वर्ष 2018 बैच की प्रोन्नति की प्रक्रिया जल्द शुरू करने, सप्लाई कर्मियों को पूर्ववत सुविधाएं देने, प्रत्येक कर्मचारी को दो-दो क्वार्टर उपलब्ध कराने और सीपीएफ ट्रस्ट को एचईसी से हटाने की भी मांग की गई।
इस अवसर पर एचईसी कर्मी मौजूद थे।
