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 ढाई घंटे तक ठप रहा उत्पादन और माल ढुलाई, प्रबंधन के आश्वासन के बाद आंदोलन समाप्त

पश्चिमी सिंहभूम, 06 नवंबर । पश्चिमी सिंहभूम जिले के मेघाहातुबुरु स्थित सेल की लौह अयस्क खदान में दिवाली की छुट्टी को लेकर शुक्रवार को श्रमिक संगठनों और प्रबंधन के बीच जोरदार गतिरोध देखने को मिला। छुट्टी के आदेश में बार-बार बदलाव से नाराज सभी श्रमिक यूनियनें संयुक्त मोर्चा के बैनर तले एकजुट हो गईं और दोपहर एक बजे खदान में चक्का जाम कर दिया। इससे करीब ढाई घंटे तक खदान में उत्पादन, माल ढुलाई और अन्य गतिविधियां प्रभावित रहीं। दोपहर बाद प्रबंधन के साथ वार्ता के बाद आंदोलन समाप्त कर दिया गया।

श्रमिक संगठनों की प्रमुख मांग नौ नवंबर को घोषित दिवाली की छुट्टी को बहाल करने की थी। हालांकि, वार्ता के दौरान प्रबंधन ने छुट्टी बहाल करने पर कोई तत्काल निर्णय नहीं लिया। प्रबंधन ने आश्वासन दिया कि भविष्य में त्योहारों की छुट्टियों से संबंधित कोई भी निर्णय लेने से पहले सभी मान्यता प्राप्त श्रमिक संगठनों के साथ विचार-विमर्श किया जाएगा। इसके बाद यूनियनों ने फिलहाल चक्का जाम समाप्त कर दिया।

छुट्टी विवाद की शुरुआत चार नवंबर को हुई थी। एचआर विभाग ने आदेश जारी कर आठ नवंबर की दिवाली छुट्टी को बदलकर नौ नवंबर कर दिया था। इसके अगले दिन, पांच नवंबर को नया आदेश जारी कर पहले के आदेश को रद्द कर दिया गया और 11 नवंबर को भाई दूज की छुट्टी घोषित कर दी गई। छुट्टियों में लगातार किए गए इस बदलाव से श्रमिकों में नाराजगी बढ़ गई।

आंदोलन में अफताब आलम, अमित झा, गुंजन कुमार, दीपक राम, इलियास चंपिया, इंतखाब आलम, संतोष पंडा और जगन्नाथ चतर सहित अन्य श्रमिक प्रतिनिधि सक्रिय रहे।———-