राजस्थान सीमा पर पहुंचे अमित शाह

बीएसएफ, सेना, जागरूक नागरिक और प्रशासन का बनाएं मजबूत चतुष्कोणीय सुरक्षा ग्रिड – केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह

केन्द्रीय गृह मंत्री एवं मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने किया जवानों से संवाद

बीकानेर,  26 मई। केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने मंगलवार को भारत-पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय सीमा पर बीएसएफ की ऐतिहासिक सांचू पोस्ट का दौरा कर जवानों का उत्साहवर्धन किया। भीषण गर्मी और 42 डिग्री तापमान के बीच शाह ने सीमा चौकी पर तैनात जवानों से मुलाकात कर उनकी कार्यशैली, चुनौतियों और सीमा पर गतिविधियों की जानकारी ली।
इस दौरान उनके साथ राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा भी मौजूद रहे। दोनों नेताओं ने सीमा पर तैनात जवानों के साहस और देश की सुरक्षा में उनके योगदान की सराहना की तथा जवानों के साथ जलपान कर संवाद भी किया।
गृह मंत्री अमित शाह मंगलवार सुबह करीब 11 बजे हेलीकॉप्टर से सांचू पोस्ट पहुंचे। यह पोस्ट भारत-पाक सीमा की सबसे ऐतिहासिक चौकियों में गिनी जाती है और दो बड़ी जंगों की गवाह रही है। अमित शाह देश ने इस पोस्ट पर जाकर जवानों से सीधे मुलाकात की।
उन्होंने यहां से दूरबीन के जरिए पाकिस्तानी सीमा और जीरो पॉइंट क्षेत्र का भी अवलोकन किया।

सांचू पोस्ट पर प्रहरी सम्मेलन को संबोधित करते हुए  अमित शाह ने कहा कि हमारे सीमा प्रहरी तेज बारिश, अधिक तापमान, घने जंगल, बर्फीली चोटियों जैसी कठोर परिस्थितियों में देश की सुरक्षा करते हैं। वे कर्तव्यपरायणता, वीरता, साहस और सर्वोच्च बलिदान की भावना के साथ देश की सीमा पर मुस्तैदी से तैनात रहते हैं। उन्होंने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भी बीएसएफ के जवानों ने सीमावर्ती जिलों के नागरिकों का हौसला बनाए रखा और पाकिस्तान को मुंहतोड़ जवाब देने में अहम भूमिका निभाई। उन्होंने आश्वस्त किया कि केन्द्र सरकार भारतीय सीमाओं पर तैनात बीएसएफ को आधुनिकतम तकनीक एवं बेहतरीन सुविधाएं उपलब्ध कराएगी।

केन्द्रीय गृह मंत्री ने कहा कि वर्ष 2014 से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार ने सीमा सुरक्षा के परिदृश्य में आमूलचूल परिवर्तन किया है। सेना और बीएसएफ का आधुनिकीकरण किया गया है। वहीं, सुरक्षा की दृष्टि से अत्याधुनिक उपकरण और संसाधन उपलब्ध करवाए गए हैं तथा आतंकवादियों को मुहतोड़ जवाब देने की नीति अपनाई गई है।

वृक्षारोपण में सीमा प्रहरियों का बड़ा योगदान

न्होंने बीएसएफ के दो हजार से अधिक शहीद सीमा प्रहरियों को नमन करते हुए कहा कि इन्होंने भारतीय सीमा की सुरक्षा के लिए अपना सर्वोच्च बलिदान दिया है और देश को इन पर गर्व है। उन्होंने कहा कि वृक्षारोपण में सीमा प्रहरियों का बड़ा योगदान है। वर्ष 2019 में सीमाओं पर पौधारोपण की विशेष मुहिम चलाई गई। अब तक 7 करोड़ 35 लाख पौधे जवानों द्वारा लगाए गए हैं। आने वाले समय में जलवायु परिवर्तन और पृथ्वी के तापमान को बनाए रखने में यह उपयोगी साबित होंगे।

बॉर्डर पर बेटों से भी दो कदम आगे बेटियां

केन्द्रीय गृह मंत्री ने कहा कि देश की सीमाओं की सुरक्षा में आज बेटियां बेटों से दो कदम आगे है। केंद्र सरकार वर्ष 2030 तक इन बेटियों के लिए सभी सुविधाएं मुहैया करवाएगी। उन्होंने कहा कि वर्तमान में राजस्थान में बीएसएफ की सीमा चौकियों पर बेटियों के लिए 40 करोड़ रुपए की लागत से 79 बैरक स्वीकृत किए गए हैं, जिनमें से आज लोकार्पण हुए 14 बैरक सहित 67 का काम पूरा हो चुका है। शेष 12 बैरक का कार्य भी जल्द पूरा हो जाएगा। देश की सीमा चौकियों पर 200 करोड़ की लागत से 360 बैरक बनाए जा रहे हैं।

सांचू चौकी भारत के इतिहास में स्वर्णाक्षरों में दर्ज

उन्होंने कहा कि सांचू ऐतिहासिक चौकी है तथा यहां आना उनके लिए बेहद हर्ष का विषय है। वर्ष 1965 में भारत-पाक युद्ध के दौरान, पाक ने सांचू पर कब्जा करने का प्रयास किया। तब यहां से 25 किलोमीटर दूर रणजीतपुरा में 3 आरएसी की चौकी थी। जब 13 ग्रेनेडियर के जवानों को इसकी सूचना मिली, तो भारत के जवानों ने पाकिस्तान पर भीषण हमला बोला और सांचू को सुरक्षित रखा और पाकिस्तान को यहां से भागना पड़ा। उन्होंने कहा कि वह 3 आरएसी अब बारहवीं वाहिनी बीएसएफ की बन गई है और यहां प्रतिवर्ष सांचू विजय दिवस मनाया जाता है। यह पोस्ट भारत के इतिहास में स्वर्णाक्षरों में दर्ज है।

सीमापार अतिक्रमण, स्मगलिंग और घुसपैठ पर रखें पैनी नजर

केन्द्रीय गृह मंत्री ने कहा कि सांचू पोस्ट 179वीं बटालियन की महत्वपूर्ण बॉर्डर आउट पोस्ट है। केंद्र सरकार द्वारा अंतरराष्‍ट्रीय सीमा पर 1096 किलोमीटर लंबी लिटरल रोड और 520 किलोमीटर लंबी एक्ससीएल रोड बनाई जा रही है। यह जवानों की आवागमन और कनेक्टिविटी सम्बन्धी चिंता को दूर करेगी। उन्होंने कहा कि सीमाओं पर नई डिजाइन की फेंसिंग की जा रही है। सीमा की 180 चौकियों पर पाइपलाइन से पीने का पानी पहुंचाने का काम पूरा किया गया है। उन्होंने कहा कि बीएसएफ को परम्परागत ड्यूटी के साथ नई दिशा से भी सोचना होगा। सीमा के उस पार से अतिक्रमण, स्मगलिंग और घुसपैठ पर पैनी नजर रखनी होगी।

केन्द्रीय गृह मंत्री ने कहा कि सीमांत गांवों के विकास के लिए प्रधानमंत्री ने वाइब्रेंट विलेज कार्यक्रम शुरू किया है तथा ड्रोन रोधी संयंत्र लगाने की शुरुआत अगले छह माह में कर दी जाएगी। उन्होंने कहा कि बीएसएफ को राज्यों के साथ क्षेत्रीय सुरक्षा की चिंता भी करनी होगी, जनसांख्यिकी में कृत्रिम परिवर्तन हो तो राज्य सरकार को बीएसएफ आगाह करे। वहीं, ड्रोन का उपयोग करने वालों पर सिविल और पुलिस भी पैनी नजर रखें।

स्कूलों में बच्चों, किशोरों और युवाओं के साथ संवाद करे बीएसएफ

उन्होंने कहा कि बीएसएफ के जवान केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं का लाभ अंतिम छोर पहुंचाने के लिए अपनी सहभागिता निभाएं। स्कूली विद्यार्थियों से निरंतर संवाद करें। सीमाओं की अभेद्य सुरक्षा के लिए बीएसएफ, सेना, जागरूक नागरिक और प्रशासन मिलकर मजबूत चतुष्कोणीय सुरक्षा ग्रिड बनाएं। उन्होंने कहा कि बीएसएफ सरहद के उस पार से आने वाले खतरे पर नजर रखें। सरहद के अंदर भी जिन लोगों को इस्तेमाल किया जाता है उन लोगों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्यवाही की जाए ताकि भविष्य में कोई भी ऐसी हरकत करने से घबराए।

जवानों के साथ किया जलपान

इस दौरान केन्द्रीय गृह मंत्री एवं मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने सीमा पर तैनात जवानों से मुलाकात कर उनका उत्साहवर्धन किया। उन्होंने जवानों के साथ जलपान एवं संवाद भी किया। इस अवसर पर केन्द्रीय गृह मंत्री ने सीमा चौकियों पर नवनिर्मित 14 महिला बैरकों का ई-लोकार्पण किया। उन्होंने प्रहरी शस्त्र गैलरी का अवलोकन कर आधुनिक ड्रोन तकनीक की कार्यप्रणाली की जानकारी भी ली। सीमा चौकी पहुंचने से पहले अमित शाह ने सांचू माता मंदिर में दर्शन कर पूजा-अर्चना की। इसके बाद उन्होंने प्रहरी शस्त्र गैलरी का अवलोकन किया और सीमा सुरक्षा में उपयोग हो रही आधुनिक ड्रोन तकनीक की कार्यप्रणाली की जानकारी ली।

मुख्यमंत्री ने किया पौधारोपण

इससे पहले मुख्यमंत्री ने मंगलवार को बीकानेर के स्वामी केशवानंद राजस्थान कृषि विश्वविद्यालय परिसर में पौधारोपण किया और आमजन से भी पर्यावरण संरक्षण के लिए अधिकाधिक संख्या में पौधे लगाने का आह्वान किया।

इस दौरान केंद्रीय विधि एवं न्याय राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) अर्जुनराम मेघवाल, केन्द्रीय गृह सचिव गोविन्द मोहन, निदेशक आसूचना ब्यूरो तपन कुमार, सचिव सीमा प्रबंधन डॉ. राजेन्द्र कुमार, बीएसएफ महानिदेशक प्रवीण कुमार सहित जनप्रतिनिधि, अधिकारीगण एवं बड़ी संख्या में भारतीय सेना के जवान मौजूद रहे।

दौरे के बाद गृह मंत्री बीकानेर स्थित बीएसएफ मुख्यालय पहुंचे, जहां वे सीमावर्ती पांच जिलों के कलेक्टर और एसपी के साथ उच्च स्तरीय बैठक करेंगे। बैठक में सीमा पर बढ़ रही तस्करी, सुरक्षा व्यवस्था और संवेदनशील गतिविधियों पर चर्चा होगी।
अमित शाह के दौरे के बीच पुलिस ने विरोध-प्रदर्शन की आशंका को देखते हुए एनएसयूआई जिलाध्यक्ष श्रीकृष्ण गोदारा को उनके घर से हिरासत में ले लिया। काले झंडे दिखाने की योजना की सूचना मिलने के बाद पुलिस ने एहतियातन कार्रवाई की। गृह मंत्री अमित शाह सोमवार रात करीब 10:30 बजे बीकानेर के नाल एयरपोर्ट पहुंचे थे, जहां मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा सहित बीजेपी नेताओं और प्रशासनिक अधिकारियों ने उनका स्वागत किया। दौरे को लेकर पूरे बीकानेर और सीमावर्ती क्षेत्रों में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे।