भाजपा-कांग्रेस ने संभावित प्रत्याशियों की सूची भेजी जयपुर, दावेदारों की धड़कनें तेज
उदयपुर, 27 अगस्त (कौशल मूंदड़ा)। उदयपुर नगर निगम और जिले की नगर पालिकाओं के चुनाव को लेकर भाजपा और कांग्रेस में टिकट वितरण की प्रक्रिया अंतिम दौर में पहुंच गई है। दोनों प्रमुख दलों के स्थानीय पदाधिकारियों ने दावेदारों के बीच तय चयन प्रक्रिया के आधार पर प्रथम, द्वितीय और तृतीय प्राथमिकताएं तय कर संभावित उम्मीदवारों की सूचियां तैयार कर जयपुर स्थित संगठन मुख्यालयों को भेज दी हैं। अब दावेदारों की नजरें जयपुर से होने वाली अधिकृत घोषणा पर टिकी हैं।
टिकट की दौड़ में शामिल दावेदारों के बीच सबसे ज्यादा चर्चा प्रत्याशियों की सूची जारी होने के समय को लेकर है। शुक्रवार को राखी का त्योहार है। ऐसे में पार्टी नेतृत्व सूची जारी करने को लेकर खास रणनीति अपना सकता है। राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि यदि राखी से पहले सूची जारी होती है और किसी दावेदार का नाम नहीं आता है तो उसकी मायूसी का असर त्योहार के उल्लास पर भी पड़ सकता है। इसी वजह से संभावना जताई जा रही है कि पार्टियां राखी के दिन शुक्रवार देर रात या फिर शनिवार को प्रत्याशियों की सूची जारी कर सकती हैं।
हालांकि, नामांकन प्रक्रिया गुरुवार से शुरू हो चुकी है। ऐसे में सूची जारी होने में देरी का सीधा असर नामांकन पर भी दिखाई दे सकता है। अधिकृत प्रत्याशियों की घोषणा नहीं होने तक अधिकांश दावेदार पार्टी के सिंबल और अधिकृत समर्थन को लेकर स्थिति स्पष्ट होने का इंतजार करेंगे। ऐसे में शुरुआती दिनों में नामांकन प्रक्रिया अपेक्षाकृत ठंडी रहने की संभावना है।
भाजपा और कांग्रेस दोनों ही दलों के लिए टिकट वितरण में जातीय समीकरण, स्थानीय पकड़, जीत की संभावना और संगठन के प्रति सक्रियता जैसे कई पहलू अहम माने जा रहे हैं। अब अंतिम फैसला जयपुर से होना है। लिहाजा उदयपुर के दावेदारों और उनके समर्थकों की नजरें पार्टी मुख्यालय से आने वाली सूची पर टिकी हुई हैं। सूची जारी होते ही चुनावी तस्वीर भी काफी हद तक साफ हो जाएगी।
