
दक्षिण 24 परगना, 04 फ़रवरी। सुंदरबन में एक बार फिर बाघ के हमले की घटना सामने आई है। गोसाबा ब्लॉक के सातजेलिया ग्राम पंचायत अंतर्गत सुकुमारी गांव निवासी वर्षीय मछुआरा प्रदीप मंडल (35) को मंगलवार अपराह्न बाघ जंगल में खींच ले गया। घटना के बाद से वह लापता है। इस हादसे से पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई है।
पुलिस और वन विभाग के सूत्रों के अनुसार, प्रदीप मंडल अपने दो साथियों—दुखे मंडल और संतोष मंडल के साथ रविवार को सुंदरबन के चामटार जंगल क्षेत्र में मछली और केकड़ा पकड़ने गए थे। मंगलवार शाम को जब तीनों नदी के किनारे नाव बांधकर चर इलाके में केकड़ा पकड़ रहे थे, तभी अचानक जंगल से एक बाघ निकल आया और प्रदीप पर झपट पड़ा। बाघ ने उसकी गर्दन पकड़कर उसे घसीटते हुए जंगल के भीतर ले गया। साथियों के कुछ समझ पाने से पहले ही बाघ जंगल में ओझल हो गया।
घटना के बाद प्रदीप को बचाने का कोई रास्ता न देख दुखे और संतोष वापस लौट आए। बुधवार सुबह गांव पहुंचकर उन्होंने परिजनों और स्थानीय लोगों को घटना की जानकारी दी, जिसके बाद गांव में मातम छा गया। इसकी सूचना सजनखाली स्थित वन विभाग कार्यालय को भी दी गई।
खबर मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और तलाशी अभियान शुरू किया, लेकिन अब तक प्रदीप का कोई सुराग नहीं मिल पाया है। सुंदरबन टाइगर रिजर्व के डिप्टी फील्ड डायरेक्टर जोंस जस्टिन ने बताया कि हमें एक दुर्घटना की सूचना मिली है। मामले की जांच की जा रही है। यह भी देखा जा रहा है कि संबंधित लोग वैध अनुमति पत्र के साथ जंगल में गए थे या नहीं।
प्रत्यक्षदर्शी प्रदीप के साथी संतोष मंडल ने कहा कि हम तीनों नदी के किनारे केकड़ा पकड़ रहे थे। अचानक जंगल से बाघ आया और प्रदीप की गर्दन में दांत गड़ाकर उसे घसीटते हुए जंगल में ले गया। हम कुछ कर पाते, उससे पहले ही वह जंगल के भीतर चला गया।
इधर, पति के लापता होने की खबर सुनते ही प्रदीप की पत्नी बबीता रो-रोकर बेसुध हो गईं। वह इस समय गर्भवती हैं। उन्होंने कहा कि सब कुछ एक पल में उजड़ गया। कुछ समझ नहीं आ रहा है। मेरा होने वाला बच्चा अपने पिता को कभी देख नहीं पाएगा। आगे की जिंदगी कैसे कटेगी, यह सोचकर डर लग रहा है।






